
कई बड़े दर्द दिए
इस गए साल ने
कई अपने चले गए
इस गए साल में
नई खुशियां लेकर
आया है यह साल
दर्द सारे भूल जाओ
इस आये साल में
पशु पक्षी उन्मुक्त रहे
इस गए साल में
हम ही घरों में कैद रहे
इस गए साल में
हमे नही थी फुर्सत
जिनसे मिलने की
उनके साथ समय बिताया
इस गए साल में
कुछ तो अच्छा हुआ
इस गए साल में
प्रकृति दोहन से बच गई
इस गए साल में।
#श्रीगोपाल नारसन

