विश्व हिन्दू परिषद गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के संदर्भ में पाकिस्तान के निर्णय की निंदा करती है:आलोक कुमार, एडवोकेट, कार्याध्यक्ष-विहिप

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नई दिल्ली, नवंबर 6, 2020. पाकिस्तान सरकार द्वारा गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के प्रबंधन को पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी(PSGPC) से हटा कर ‘इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड’ (ETPB) को दीए जाने की विश्व हिन्दू परिषद कड़ी निंदा करती है।

इस संबंध में यह तर्क दिया जाना कि कमेटी गुरुद्वारे के प्रबंधन के काम में हिस्सेदार होगी, वह सिर्फ भ्रम या मिथ्या प्रचार के अतिरिक्त कुछ नहीं क्योंकि ETPB के 9 सदस्यों में से एक भी सिख नहीं है। ETPB ने जिस प्रकार गुरुद्वारे के प्रोजेक्ट प्रबंधन विभाग को उसके खातों को भी देखने का अधिकार दिया है, उससे स्पष्ट होता है कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी उस पवित्र गुरुद्वारे को ‘रहत’ और ‘मर्यादा’ के साथ स्वेच्छिक रूप से नहीं चला सकती।

इससे स्पष्ट होता है कि विश्व के पवित्रतम गुरुद्वारे को पाकिस्तान की सरकार और अंततोगत्वा वहाँ का मुस्लिम समुदाय हड़पना चाहता है। भारत सरकार के विदेश विभाग ने अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज करा दी है। विश्व हिन्दू परिषद भी मांग करती है कि पाकिस्तान सरकार गुरुद्वारे के प्रबंधन को वहाँ के सिख समुदाय को सौंपे।

जारी कर्ता:

विनोद बंसल

राष्ट्रीय प्रवक्ता

विश्व हिन्दू परिषद

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।