बौद्ध कवि सम्मेलन के कवि ओ को महात्मा गांधी साहित्य सेवा मंच गांधीनगर द्वारा सम्मानित किया गया

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 महात्मा गांधी साहित्य सेवा मंच गांधीनगर द्वारा 24 अक्तूबर 2020 को बौद्ध के जीवन पर आधारित कवि सम्मेलन हिंदी मे ऑन लाइन आयोजित किया गया था जिस मे 35 से अधिक कवि जुड़े हुए थे और उन्होंने अपनी  रचनाए प्रस्तुत की गयी थी इन्हें भारतीय बौद्ध संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, तंत्री श्री प्रहलाद चौहान के कर कमलों से सम्मान पत्र प्रदान करके आज दिनांक 4 नवंबर को दोपहर मे दो बजे ऑन लाइन सम्मानित किया गया, 
इस कार्यक्रम में सरस्वती वंदना आरती तिवारी  दिल्ली द्वारा प्रस्तुत किया गया था और अतिथि श्री भंते संघ प्रिय राहुल अध्यक्ष भारतीय बौद्ध संघ और वरिष्ठ उपाध्यक्ष भारतीय बौद्ध संघ एवं तंत्री श्री प्रहलाद चौहान जी का शब्दों रूपी पुष्प माला से अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य सेवा मंच गांधीनगर के  कवि लेखक अनुवादक और नशा मुक्ति अभियान प्रणेता ब्रेस्ट कैंसर अवेर्नेस प्रोग्राम आयोजक, इंडियन लायंस गांधीनगर स्वर्णिम क्लब के उपाध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल द्वारा किया गया, 

इस कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री रमेश भाई मुलवाणि द्वारा किया गया था
आभार प्रकट एडवोकेट श्री कांतिभाई पटेल कोषाध्यक्ष द्वारा किया गया था,
अंत में राष्ट्र गीत ज़न गण मन श्री डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष द्वारा प्रस्तुत किया गया

डॉ गुलाब चंद पटेल
अध्यक्ष
महात्मा गांधी साहित्य सेवा मंच गांधीनगर

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।