इंडियन लायंस गांधीनगर स्वर्णिम क्लब आयोजित ज़न जागरुकता नवरात्रि महोत्सव का उद्घाटन श्री नाझाभाई घाघर डेप्युटी मेयर गांधीनगर ने किया

Read Time0Seconds
इंडियन लायंस गांधीनगर स्वर्णिम क्लब द्वारा  ज़न जागरुकता नवरात्रि महोत्सव का आयोजन पंच देव मंदिर गांधी नगर मे दिनांक 17 अक्तूबर 2020 को रात 8.30 बजे किया गया था जिस का उद्घाटन  आदरणीय श्री नाझा भाई डेप्युटी मेयर के कर कमलों से किया गया, इस कार्यक्रम में डेप्युटी मेयर श्री नाझा भाई द्वारा माता जी की आरती किया गया था,श्री नाझा भाई डेप्युटी मेयर ने माताजी से आराधना की गई, विश्व से कोविड - 19  को दूर करने के लिए विनती की

इस कार्यक्रम में संस्था के अध्यक्ष श्री राधेश्याम यादव जी ने डेप्युटी मेयर श्री नाझा भाई का फूल माला से सम्मानित किया, उपाध्यक्ष श्री डॉ गुलाब चंद पटेल जी ने डेप्युटी मेयर श्री नाझाभाई घाघर का खेस डालकर सम्मान किया, डॉ गुलाब चंद पटेल उपाध्यक्ष श्री ने जागरूकता के लिए लिखी गई कविता प्रस्तुत की, कोरोंना से डर कर नहीं किंतु जागरुकता रखने की बात कही
अध्यक्ष श्री राधेश्याम यादव जी तथा उपाध्यक्ष श्री ने लोगों को मास्क वितरण किया, श्री महेंद्र चौहान अध्यक्ष ज़न सारी समाज के मंत्री ने अपनी उपस्थिति दर्ज कारवाई,.संस्था के यह सामाजिक कार्य की सराहना की, मनीषा बहन गोहिल सेक्रेटरी ने अपना आभार प्रकट किया.. इंडियन लायंस गांधीनगर द्वारा नवरात्रि के दिनों में अलग अलग जगह पर इस तरह का कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे
अंत में राष्ट गीत संजीव यादव कोषाध्यक्ष ने प्रस्तुत किया और राष्ट्रगीत गान के बाद कार्यक्रम को पूर्ण घोषित किया गया
.
डॉ गुलाब चंद पटेल
अध्यक्ष महात्मा गांधी साहित्य मंच
गुजराती

0 0

matruadmin

Next Post

अब न पछताओगी तुम हमसे मिल के

Mon Oct 19 , 2020
अब न पछताओगी तुम हमसे मिल के, हमने भी होठ सी लिए है तुमसे मिल के।। अब न मिलेगे तुमसे अब कभी दुबारा, करीब न आयेगे अब तुम्हारे दिल के।। उम्मीदों के फूल जो लगाए थे दिल में, मुरझा जाएंगे हर बार खिल खिल के।। पड़ा था तेरे आगोस में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।