याद आता है

Read Time1Second

गुजरता हूं उसके आगे से तो आंखो में, वो जिंदगी का मंजर याद आता है!
जिस पल को मैं बहुत पीछे छोड़ आया, वो यादों का समंदर याद आता है!!
आज भी वो दौर मेरे सपनों में आकर, मेरे दिल को लुभा जाता है!
यार वो मेरा स्कूल आज भी, मुझे बहुत याद आता है 🥰!!
वहां ना तो किसी की कोई जात थी, किसी का कोई धर्म नहीं था!
सब मिलजुलकर रहते थे, किसी को कोई भ्रम नहीं था!!
एक जैसी पोशाक थी हमारी, किसी का भी अलग भेश नहीं  था!
आज समाज में देख कर सोचता हूं,यार मेरा तो ऐसा  देश नहीं था!!
जहां पर जीवन का वो सच्चा, मार्ग दिखाया जाता है!
यार वो मेरा स्कूल आज भी, मुझे बहुत याद आता है 🥰

#पंकज मेहराना

0 0

matruadmin

Next Post

गांधी और शास्त्री की जयंती पर निकाली प्रभात फेरी।

Fri Oct 2 , 2020
हिसार-अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी एवं जवान और किसान के मसीहा पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर गांधी अध्ययन केंद्र सर्वोदय भवन ने आज प्रातः सर्वोदय भवन संचालक धर्मवीर शर्मा की अगुवाई में प्रभात फेरी निकाली प्रभात फेरी प्रातः 5:30 सर्वोदय भवन से शुरू होकर नागोरी गेट खजानचियान […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।