परवान चढ़ जाये

0 0
Read Time1 Minute, 8 Second

न दिल में गम है,
न ही गीले और सिखवे।
जब साथ हो तेरा,
तो क्या गम और सिखवे।
इसलिए तो दिल से,
तुम्हें चाहते है हम।
मेरी धड़कनों में अब,
तुम ही तुम बसते हो।।

क्या तेरा है पैमाना,
मुझे आंक ने का।
तेरे मूल्यांकन से मुझे,
पता चल जायेगा।
कितनी पारदर्शी हो तुम,
समझ आयेगा अंको से।
की कितना तुम हमें,
अबतक जान पाये हो।।

माना कि मन सभी का,
बहुत चंचल होता है।
जो दिलकी धड़कनों को,
जल्दी पढ़ नहीं पाता।
और बिना समझे ही वो,
मोहब्बत करने लगता है।
और अपनी जिंदगी को
बर्बाद कर लेते है।।

मोहब्बत करने वाले को,
संजय देता है दुआ।
की सफल हो जाओ,
अपनी अपनी मोहब्बत में।
और कर जाओ ऐसा की,
मोहब्बत परवान चढ़ जाएं।
और इतिहास के पन्नो में,
नाम तुम्हारा भी लिखा जाए।।

जय जिनेन्द्र देव की
संजय जैन (मुम्बई)

matruadmin

Next Post

जय श्री राम

Thu Sep 17 , 2020
पाई जेब न धेला काम जय श्री राम जय श्री राम। अर्थब्यवस्था गिरी धड़ाम जय श्री राम जय श्री राम। बेच पकौड़ा पाओ दाम जय श्री राम जय श्री राम। छल्ल कबड्डी में आवाम जय श्री राम जय श्री राम। दीगर मुद्दे झंडुबाम जय श्री राम जय श्री राम। मेहनतकस […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।