वो माँ बाप ही होते हैं…*

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जो तेरे जज्बातों को जुबान पर आने से पहले ही जान जाते हैं,
वो माँ बाप ही होते हैं जो तेरे चेहरे से तेरी परेशानी को पहचान जाते हैं.

तेरी खातिर सोलह सोमवार व्रत रहते, उदास ग़र तू हो तो वो भी खुश रह पाते कहाँ है,
मौका मिले तो तलाशना उनके कपड़े कभी कि वो अपनी परेशानियाँ तुझसे छुपाते कहाँ हैं.

तेरी जरा सी तबीयत खराब होने पर जो भगवान से भी लड़ जाते हैं,
वो माँ बाप ही होते हैं जो अपनी जरूरतें रोककर तेरी ख्वाहिशों को मुकम्मल बनाते हैं.

अनुभव मिश्रा

फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश

परिचय-

नाम- अनुभव मिश्रा
साहित्यिक उपनाम- अनुभव मिश्रा (#Heartlyimaginations)
जन्मतिथि- 03/ 08/ 2001
वर्तमान पता- 5/38, छक्का नाजिर कूँचा, फर्रुखाबाद
राज्य- उत्तर प्रदेश
शहर- फर्रुखाबाद
शिक्षा- श्री दुर्गा नारायण परास्नातक महाविद्यालय से B.Com का छात्र
कार्यक्षेत्र- विद्यार्थी
विधा – कविता
प्रकाशन- “ज़ज्बात अल्फाजों में” पुस्तक, Amazon, Flipkart पर उपलब्ध है
सम्मान- मधुशाला काव्य गौरव सम्मान, मधुशाला गौरव सम्मान, नव उमंग साहित्यिक सम्मान, जश्न ए आगाज, होर्न ओके प्लीज, घर पर चलेगा पेन, क्रिएटर्स फेस्टिवल 2.0, हर्ष आगाज के अतिरिक्त अन्य भी कई सम्मान
अन्य उपलब्धियाँ- दैनिक विजय दर्पण टाईम्स(मेरठ), दैनिक नवीन कदम(छत्तीसगढ़), अमर उजाला काव्य आदि समाचार पत्रों में प्रकाशित लेखक
लेखन का उद्देश्य- साहित्यिक रुचि

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।