आया रक्षा बंधन

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आया जी आया रक्षा बंधन का त्यौहार ,
भाई – बहनों का का प्यार का त्यौहार ,
जीवन के जन्मों-जन्मों का साथ देती ,
बहना भाई के जीवन को रक्षा करती ,

संसार के हर दुखों से भाई की भलाई करती ,
जन्म से लेकर मृत्यु तक जीवन की रक्षा करती हैं ,
हर संकट मे हौसला बढ़ाती भाई को ,
प्यार दुलार भाई पर लुटाती हमेशा ,

जीने की हजारों-हजार साल तक कामना करती ,
भाई की हर दुखों को हर लेती ,
उनकीं सुखी रहने की कामना करती ,
अपना अमृत सागर सुख चैन लुटाती ,

बहना भाई की एक शान होती है ,
जीवन मे हर परिस्थियों से भाई को बचाती है ,
ममता की चादर ओढाती है ,
ममता की मूरत से सजाती है !

#रूपेश कुमार
छात्र एव युवा साहित्यकार
शिक्षा – स्नाकोतर भौतिकी , इसाई धर्म(डीपलोमा) , ए.डी.सी.ए (कम्युटर),बी.एड
वर्तमान-प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी !
प्रकाशित पुस्तक ~ ‘मेरी कलम रो रही हैं’ और ‘मेरी अभिलाषा’ एवं आठ साझा संकलन!
विभिन्न राष्ट्रीय पत्र- पत्रिकाओं मे कविता,कहानी,गजल प्रकाशित !
कुछ सहित्यिक संस्थान से सम्मान प्राप्त !
पता सीवान(बिहार)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।