इश्क सूफियाना..

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sourabh
कभी हमारी मोहब्बत की कहानी
पढ़े ये जमाना,
जिसमें पाक मोहब्बत का हो खजाना।

आओ दें इस दुनिया को प्रेम का, अनोखा नजराना,
कुछ ऐसा हो तेरा-मेरा इश्क सूफियाना।

जिसे पाकर दुनिया की रुह पावन
हो जाए,
हमारे प्रेम की पावन कहानी लिखे ये जमाना।

ये दुनिया राधा-कृष्ण के प्रेम की,
जो सुनती है धुन,
जैसे मीरा ने श्री कृष्ण के प्रेम को लिया था चुन।

उस प्रेम के पवित्र एहसास को महसूस करना है तो,
मेरे दिल की गली में आकर वो धुन कभी तू भी सुन।

हो जाएँ लोग दीवाने,पढ़कर उस प्रेम की कहानी
जिसे पढ़कर आ जाए जवानी में एक नई रवानी।

हम एक दूसरे को महसूस करने लगें, कुछ इस तरह,
मैं हो जाऊं तेरे प्रेम में पागल, और तू हो जाए दीवानी।।

                                                                      #सौरभ जैन(उज्जवल)

परिचय : रचनाकार बनाने की दिशा में सौरभ जैन का प्रयास जारी है। रामपुर मनिहारिन( जिला-सहारनपुर) के निवासी हैं और बी.कॉम.कर लिया है। २२ वर्ष के सौरभ शायरी व छंदमुक्त काव्य रचना को अधिक पसंद करते हैं।

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।