जिहादी म़ोब लिंचिंग के शिकार राहुल के परिजनों को मिले आर्थिक सहायता: विहिपraft

Read Time0Seconds

विहिप दिल्ली के अध्यक्ष व राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय शंकर तिवारी मिले राहुल के परिजनों से

     नई दिल्ली। सितम्बर 1, 2020। विश्व हिन्दू परिषद(विहिप) ने आज माँग की है कि राजधानी दिल्ली में चार इस्लामिक जिहादियों की म़ोब लिंचिंग के शिकार राहुल के परिवार की उचित आर्थिक सहायतार्थ दिल्ली सरकार अबिलम्ब कदम उठाए तथा परिवार को सम्बल प्रदान करे. आज सायं 4 बजे विहिप दिल्ली के प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विजय शंकर तिवारी जिहादी लिंचिग के शिकार मृतक राहुल के जवाहर केंप, कीर्ति नगर स्थित उसके घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढाढ़स बंधाया.

     23 वर्षीय राहुल अपने पीछे बीमार माता-पिता, पत्नी तथा एक 4 वर्षीय बेटा छोड़ गया है. परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था. राहुल के 56 वर्षीय पिता रघुवीर सिंह ने रोते हुए बताया कि मैं और मेरी पत्नी गुड्डी देवी तो दोनों बीमार ही रहते हैं. ऐसे में राहुल के अलावा हमारा कोई अन्य सहारा ना था. अब राहुल के 4 वर्षीय बेटे व युवा पत्नी पूजा का भविष्य भी पूरी तरह अन्धकारमय है. सरकार कुछ करे तो हमारा भविष्य संवर सकता है अन्यथा हमारा तो सब कुछ लूट लिया उन हत्यारे जिहादियों ने.

     पीड़ित परिवार से मिलाने के तुरंत बाद विहिप प्रांत अध्यक्ष ने एक पत्र दिल्ली के मुख्यमंत्री को लिख कर माँग की कि वे अबिलम्ब इस्लामिक जिहादियों के शिकार बने मृतक राहुल के परिजनों को अबिलम्ब आर्थिक सहायता राशि दें. जिससे परिवार अपना गुजर बसर कर सके. उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि यह राशि पहले किसी अन्य को दी गई सहायता राशि से कम ना हो अन्यथा आपके सैक्यूलरवाद पर प्रश्नचिन्ह लगेगा।

     ज्ञातव्य रहे कि देश की राजधानी दिल्ली में गत शुक्रवार प्रात: काल सरे आम एक पार्क में पेड़ से बांधकर 23 वर्षीय युवक राहुल की लाठी डंडे व लोही के सरिये से पीट-पीट कर मुश्ताक़, शिराज़, अनीश तथा इश्तिहार नामक चार मुसलमानों ने नृशंस हत्या कर दी थी. हत्यारों के पडौसी शेष कुमार द्वारा बार बार अनुनय विनय व समझाने के बावजूद वे जिहादी टस से मस नहीं हुए.            

     किसी गैर हिन्दू के मरने पर तुरंत दुःख दर्द साझा करने वाले दिल्ली के मुख्य मंत्री द्वारा राहुल के परिजनों की उपेक्षा पर विहिप ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए पूछा है कि क्या राहुल के परिजनों का यही दोष है कि वे हिन्दू हैं या इसलिए कि सभी म़ोब लिंचर मुसलमान हैं?

जारीकर्ता
विनोद बंसल
राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद

0 0

matruadmin

Next Post

शिक्षक साधारण नही प्रकाशमान हैं

Tue Sep 1 , 2020
नवाचारों में अग्रणी सुविचारों का धनी इरादों में हिमालय ह्रदय से प्रशांत विजय से विक्रांत राधाकृष्णन जैसा शांत होता है शिक्षक । युधिष्ठिर जैसा धर्मी भागीरथ जैसा कर्मी कर्ण जैसा दानवीर अर्जुन जैसा लक्ष्य चीर चाणक्य जैसा बुद्धिमान होता है शिक्षक । पत्थरों में शिल्पकार कच्ची मिट्टी का कुम्हार सूक्ष्मता […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।