श्री रामधाम के लिए ट्रस्ट की घोषणा स्वागत योग्य, निर्माण शीघ्र प्रारम्भ हो : आलोक कुमार

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नई दिल्ली ।

विश्व हिंदू परिषद के केन्द्रीय कार्याध्यक्ष एडवोकेट श्री आलोक कुमार ने अयोध्या में भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर श्रीरामधाम हेतु श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नामक ट्रस्ट के निर्माण की प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा पर प्रसन्नता व्यक्त की है. उन्होंने आग्रह किया है कि अब भगवान की जन्मभूमि पर भव्य दिव्य श्री राम मंदिर के निर्माण का कार्य शीघ्रातिशीघ्र प्रारम्भ होकर समयबद्ध तरीके से उसी नक्से के अनुसार पूर्ण होना चाहिए जो भारतीय जन मानस के अन्त:पटल पर दशकों से अंकित है।

प्रधान मंत्री व उनके पूरे मंत्रीमंडल का धन्यवाद तथा 500 वर्षों के लम्बे संघर्ष में बलिदान हुए सभी राम भक्तों को नमन् करते हुए श्री आलोक कुमार ने आशा व्यक्त की कि मंदिर के निर्माण में विश्वभर के सभी राम भक्तों की सहभागिता सुनिश्चित होगी, वह चाहे आर्थिक हो या प्रत्यक्ष। सभी राम भक्तों को इस पुण्य कार्य में हाथ बंटाने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए।

आगामी वर्ष प्रतिपदा (25 मार्च) से हनूमान जयंती (8 अप्रेल) तक चलने वाले श्री राम महोत्सव में सभी राम भक्तों का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इस कालावधि में भारत के हर हिन्दू मंदिर, चौपाल, गाँव, नगर, तहसील व जिला केन्दों में सभी रामभक्त हिन्दू एकत्र होकर भगवान श्रीराम, भगवान वाल्मीकि तथा श्रीराम जन्मभूमि के चित्रों के साथ हर्षोल्लास से विशाल-भव्य शोभा यात्राएं निकालें, सभाएं करें तथा उनमें सहयोगी व सहभागी बने।

जारी कर्ता :
विनोद बंसल
(राष्ट्रीय प्रवक्ता)
विश्व हिन्दू परिषद,

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।