नारी

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नारी रत्न अमूल्य धरा पर।
ईश्वर रूप सकल सचराचर।।
राम कृष्ण जन्माने वाली।
सृष्टि धर्म की सत प्रतिपाली।।१
. ✨✨✨✨
बेटी बहिन मात अरु दारा।
हर प्रतिरूप मनुज उद्धारा।।
नारी जग परहित तन धारी।
सुख दुख पीड़ा सहे दुधारी।।२
. ✨✨✨✨
द्वय घर की सब जिम्मेदारी।
बिटिया वहन करे वह सारी।।
पढ़ी लिखी जब होती नारी।
दो दो घर बनते संस्कारी।।३
. ✨✨✨✨
शान मान अरमान हमारी।
सुता बहिन पत्नी माँ नारी।।
त्याग मान मर्यादा मूरत।
हर नारी के झलके सूरत।।४
. ✨✨✨✨
शक्ति प्रदाता होती नारी।
बल पौरुष सर्वस दातारी।।
देश धरा अरु धर्म बचाती।
नारी हर कर्तव्य निभाती।।५
. ✨✨✨✨
सृष्टि चक्र संबल महतारी।
विधि ने रची धरा सम नारी।।
आदि शक्ति से मनु तन धारी।
रचे प्रथम नर अरु विधि नारी।।६
. ✨✨✨✨
नारी है हर नर की माता।
मानव तन की जीवन दाता।।
देव शक्ति बहु महापुरुष जन।
सृजित किए नारी ने जीवन।।७
. ✨✨✨✨
जीव जगत में है बहु प्राणी।
नारी है जग में कल्याणी।।
धीर धरा सम तन तपशीला।
नारी तन अनुपम प्रभु लीला।।८
. ✨✨✨✨
मनुज अंश धारे निज तन में।
निज जीवन भय करे न मन में।।
उदर भार सहती नौ महिने।
पीड़ा प्रसव अपरिमित सहने।।९
. ✨✨✨✨
नहीं धरा पर अस तन त्यागी।
नारि शक्ति जग हित बड़भागी।।
शिशु का पालन बहु कठिनाई।
सहज निभाए यथा मिताई।।१०
. ✨✨✨✨✨
सबला बन कर रहना नारी।
तव तन शक्ति छिपी है भारी।।
नर नारी द्वय रथ के पहिये।
कर सम्मान सुखी नर रहिये।।११

नाम–बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।