ब्रह्माकुमारीज के वैश्विक शिखर सम्मेलन जुट रहे है दुनिया के नामचीन लोग

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एकता,शांति और सम्रद्धि के लिए अध्यात्म जरूरी विषय पर ब्रह्माकुमारी का वैश्विक शिखर सम्मेलन 27 सितम्बर से 1 अक्टूबर तक आबू रोड़ के शांतिवन जो कि ब्रह्माकुमारीज का अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय भी है,के भव्य परिसर में आयोजित हो रहा है।इस सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर 28 सितम्बर को भारत के उपराष्ट्रपति वैंकैया नायडू,राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र,मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक के साथ साथ प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य प्रशासिका 104 वर्षीय दादी जानकी,संस्था महासचिव बीके निर्वेर भाई वैश्विक शिखर सम्मेलन का मुख्य आकर्षण होंगे।हालांकि सम्मेलन की शुरुआत 27 सितम्बर को स्वागत समारोह से ही हो जाएगी,जिसमे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल समेत कई जज,राजदूत,विभिन्न क्षेत्रों की शीर्ष हस्तियां शामिल हो रही है।
दुनियां के 137 देशों में साढ़े आठ हजार सेवा केंद्रों के माध्यम से ब्रह्माकुमारीज संस्था से जुड़े 15 लाख भाई बहन परमात्मा शिव द्वारा प्रदत्त ज्ञान संसार भर में बांटकर संसार को विकारो से मुक्त कर व सद्गुणों को फैलाकर चरित्र निर्माण का अनूठा अभियान चला रही है।संस्था के इसी अभियान से दुनिया के शीर्ष लोगो को रूबरू कराने और ब्रह्माकुमारीज संस्था द्वारा तैयार मूल्यपरक शैक्षणिक पाठ्यक्रम को विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में लागू कराकर नई पीढ़ी का भविष्य संवारने की तैयारी का हिस्सा ही यह वैश्विक शिखर सम्मेलन कहा जा सकता है।सम्मेलन के सूत्रधार संस्था के कार्यकारी सचिव व शिक्षा प्रभाग प्रमुख बीके मृत्युंजय भाई ने बताया कि इस सम्मेलन में जानी मानी जीवन प्रबन्धन प्रेरक बीके शिवानी,संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका बीके रतनमोहिनी दादी,वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका बीके शीलू बहन,ज्ञानामृत पत्रिका के मुख्य सम्पादक बीके आत्म प्रकाश भाई,मीडिया प्रभाग प्रमुख बीके करुणा भाई के साथ साथ केंद्र व राज्य सरकारों के करीब एक दर्जन मंत्री,डेढ़ दर्जन सांसद,विभिन्न राज्यो से तीन दर्जन से अधिक विधायक, कई उच्चकोटी के सन्त,दुनिया मे अपने विशिष्ट सेवा कार्यो से चर्चित हस्तियां, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति, प्रतिकुलाधिपति,कुलपति,विभिन्न शीर्ष स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रमुख, केंद्र व राज्य स्तर के अनेक नोकरशाह ,मीडिया क्षेत्र से की जानी मानी हस्तियां, पदम् पुरुस्कारों से सम्मानित अनेक विभूतियां इस वैश्विक शिखर सम्मेलन का खास आकर्षण है।सम्मेलन में 27 सितम्बर से लेकर एक अक्टूबर तक कई नियमित मेडिटेशन सत्र चलेंगे ,साथ ही कई पैलनरी सत्र भी विषय पर केंद्रित रहेंगे।सम्मेलन में जिन विषयो पर चर्चा हो रही है उनमें सामाजिक दायित्व के लिए मीडिया की भूमिका, वैश्विक रूपांतरण के लिए नारी शक्ति का योगदान, नई शिक्षा से नई दुनिया बनाने की सोच,ईश्वरीय ज्ञान बौद्धिकता से मानव ह्रदय परिवर्तन, समाज मे सामाजिक न्याय की स्थापना, पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रोत्साहन ,अच्छी दुनिया बनाने के लिए विज्ञान व प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी अध्यात्म जरूरी,संसार को सुखद व स्वस्थ बनाने के लिए पवित्र जीवन एक उपाय आदि विषय समाहित किये गए है।इस सम्मेलन में श्री वेंकटेश्वर विश्विद्यालय जहां ब्रह्माकुमारीज का मूल्यपरक शिक्षा पाठ्यक्रम अपनाने जा रहा है,वही 17 विश्वविद्यालय पहले से ही इस पाठ्यक्रम का लाभ अपने विद्यार्थियों के लिए उठा रहे है।सम्भावना है कि मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक नई शिक्षा नीति के तहत ब्रह्माकुमारीज के मूल्य परक शिक्षा पाठ्यक्रम को देशभर में लागू कराने की दिशा में पहल करें,ताकि देश की युवा पीढ़ी का चरित्र निर्माण हो सके और एक बेहतर कल व एक बेहतर भारत का सपना साकार हो सके।
#डॉ श्रीगोपाल नारसन एडवोकेट

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।