पर्यावरण संरक्षण हिन्दू जीवन मूल्यों का अभिन्न अंग : विनोद बंसल

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विहिप स्थापना दिवस पर पर्यावरण रक्षा यज्ञ व वृक्षारोपण कर बच्चों को बनाया उनका संरक्षक

नई दिल्ली।

अगस्त 25, 2019। नियमित यज्ञ व वृक्षारोपण के साथ पर्यावरण की रक्षा तथा जल–वायु की शुद्धता व संरक्षण हिन्दू जीवन मूल्यों का अभिन्न अंग रहा है जो कि सम्पूर्ण प्राणी जगत के लिए आज एक महत्वपूर्ण कार्य बन गया है। आज प्रातः काल पर्यावरण रक्षा यज्ञ तथा बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के अवसर पर बोलते हुए विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री विनोद बंसल ने यह भी कहा कि यज्ञ – हवन के माध्यम से जहां पर्यावरण की शुद्धि होती है वहीं, दूसरी ओर, वृक्षारोपण के द्वारा सृष्टि के सम्पूर्ण प्राणी जगत को प्राण-वायु ऑक्सीजन मिलती है।

विहिप के 55वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में नन्हे मुन्ने बच्चों के साथ महिलाओं व वरिष्ठ नागरिकों ने भी बढ़-चढ़ कर भाग लिया। अधिकाँश पौधे बच्चों के नाम पर उन्हें उनका संरक्षक नियुक्त कर लगवाए गए। अनेक लोगों ने अपने माता-पिता, परिजनों व पूर्वजों के नाम पर भी पौधे लगा कर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

वैदिक विदुषी दर्शानाचार्या श्रीमति विमलेश आर्या के ब्रह्मत्व में संचालित देव यज्ञ (हवन) के उपरांत नन्हे मुन्ने बच्चों के साथ पौधारोपण करते हुए समाजसेवी श्री राजेश कुमार ने क्षिति-जल-पावक-गगन-समीरा नामक पंच-तत्वों पर प्रकाश डालते हुए पर्यावरण की रक्षार्थ प्रत्येक व्यक्ति को आगे आने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रसिद्द गायक श्री महेश लखेड़ा ने गुरु गोविन्द सिंह जी महाराज के हिन्दू धर्म व राष्ट्र की रक्षार्थ तीन पीड़ियों के वलिदान को नमन करते हुए ‘पिता वारिया ते लाल चार बारे, ते हिन्द तेरी शान बदले…’ नामक गीत गाते हुए उनके पर्यावरण प्रेम पर प्रकाश डाला। श्रीमति हितेश सिंह, प्रियंका शर्मा व कुछ अन्य बहिनों के द्वारा गाए भजनों ने पार्क सहित आसपास के वातावरण को आध्यात्मिक रंग से सरावोर कर दिया।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के नगर कार्यवाह श्री दिनेश अग्रवाल, मंडल कार्यवाह श्री प्रकाश मिश्र, संतनगर रेजीडेंट वेलफेयर एशोसियेशन के उपाध्यक्ष श्री रवि नारंग व महा-मंत्री श्री विजय गुप्ता, संत नगर सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के प्रधान सरदार प्रीतम सिंह, भाजपा के श्री गुरुप्रीत सिंह(हेप्पी), आर्यसमाज के कोषाध्यक्ष श्री वीरेंद्र सूद, समाज सेवी श्री मृत्युंजय, अरुण होरा, संजय सिकरिया, अनिल चतुर्वेदी, सुरेश अग्रवाल, नंदिता, प्रतिभा व गिरीश गोयल के अलावा विदुषी, ओजस्वी, नील, दक्ष, श्रुति, जश्नूर कौर, अर्शदीप, अदिति सहित लगभग 25 बच्चोँ के साथ स्थानीय सीनियर सिटीजन वेलफेयर एशोसियेशन, सनातन धर्म प्रतिनिधि सभा व गुरुद्वारा प्रवन्धक कमिटी आदि अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने पर्यावरण की रक्षा का संकल्प व्यक्त करते हुए यज्ञ व वृक्षारोपण कार्यक्रम में बढ़-चढ़ कर भाग लिया।

भवदीय

विनोद बंसल

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।