बच्चपन की यादें

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pushkar kumar
बच्चपन की धुधली सी यादें
होठो की प्यारी सी मुस्कुराहट
घंटो एक दूसरे को तंग करना
शायद अब याद आ रहा है ।।
स्कूल दिनो की वो मस्ती
बिना मतलव का झगरना
एक दूसरे को नीचा दिखाना
शायद अब याद आ रहा है ।।
अपनी नटखट पन से
कभी कृष्ण,तो कभी राधा बन
मोहल्ले वासी को तंग करना
शायद अब  याद आ रहा है ।।
बच्चपन की वो कच्ची गली
खेलते दोस्तो संग दिन-भर
मूंगफली खाने जाते,खेत-खलिहान
शायद वो मस्ती अब याद आ रहा है ।।
खूद की गलती पर,
पापा की डॉट,माँ का प्यार
बचपन की यह रंगीन पल
शायद अब याद आ रहा है ।।
परिचय :-
 
पूर्ण नाम – पुष्कर कुमार
 
साहित्यिक उपनाम – पुष्कर कुमार भारती
वर्तमान पता-  ग्राम-दियारी,जिला-अररिया

स्थाई पता-  अररिया(बिहार)

पूर्ण शिक्षा- BA(POLITICAL SCIENCE)

कार्यक्षेत्र-  विद्दार्थी/लेखन कार्य

लेखन विधा- कविता,सामाजिक लेख

भाषा ज्ञान-  हिन्दी

  
लेखनी का उद्देश्य – सामाज की कुरीतियो को लेखन के माध्यम से मिटाने का प्रयत्न करना
 
रुचियाँ  – लेखन कार्य  और किताब पढना
 

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