भौंडसी की आड़ में भौंडे षडयंत्रों से बाज आएं सैक्यूलरवादी : विहिप

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vinod bansal

नई दिल्ली। मार्च 24, 2019।

हरियाणा के गुरूग्राम के गांव भौंडसी में होली के दिन घटी एक घटना के एक तरफा वीडियो पर मचे बवाल पर विश्व हिंदू परिषद ने सैक्यूलरवादियों के चेताते हुए उनसे भौंडसी की आड़ में अपने भौंडे षड्यंत्रों से बाज आने को कहा है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ सुरेंद्र जैन ने आज कहा है कि चंदन की हत्या, अंकित की जिबह व बरेली और मुरादाबाद में होली खेलने वालों पर जेहादियों के दंगों पर मौन रहने वाली सेकुलर विरादरी, भौंडसी में कुछ मुसलमानों की पिटाई की खबर सुनकर अचानक नींद से जाग जाती है। वह यह भी जानने की कोशिश नहीं करती कि इस झगड़े की शुरुआत उन्हीं मुस्लिम युवकों द्वारा की गई थी।

उन्होंने कहा कि गांव के एक मामूली झगड़े को एक अराजक मुख्यमंत्री के ट्वीट द्वारा जो साम्प्रदायिक रंग दिया गया और हिन्दू समाज को गुंडे व दंगाई कहकर अपमानित किया गया वह बेहद निंदनीय है। इस ट्वीट के बाद सेक्यूलर बिरादरी को लगा कि वह इस बहाने से देश के साम्प्रदायिक माहौल को गरमा सकते हैं, बिना जानकारी लिए वे मैदान में कूद पड़े।

विहिप ने यह भी कहा कि इस विषैले वातावरण से प्रशासन दबाव में आ गया और बिना गहन जांच के जिस प्रकार हिन्दू युवक को गिरफ्तार किया गया वह बहुत आश्चर्यजनक है। हिन्दू समाज पर अत्याचार हो, यही सेक्यूलर बिरादरी की चाहत भी थी। एक तरफा वीडियो जारी करने पर पैदा किया गया यह बवाल इस बिरादरी की हिन्दू विरोधी मानसिकता को ही दर्शाता है।

डॉ जैन ने कहा कि दो दिन पूर्व ही इसी मुख्यमंत्री द्वारा जिस प्रकार स्वास्तिक के रूप में हिन्दू समाज को झाड़ू मारकर भगाते हुए दिखाया गया वह न केवल हिन्दू समाज बल्कि सम्पूर्ण देश की उज्ज्वल परम्पराओं का अपमान है। दबाव बढ़ता देख, स्वास्तिक को हिटलर का चिन्ह बताकर अपने पापों पर पर्दा डालने का भी उन्होंने असफल प्रयास किया।

विश्व हिंदू परिषद ने सभी सेक्यूलरवादियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह चंद वोटों की खातिर हिन्दू- मुसलमानों के बीच खाई को और चौड़ा करने का षडयंत्र न रचे और भारत की शांतिपूर्ण सह- अस्तित्व की पुरातन परम्परा पर चोट करने से बाज आएं।

विहिप ने भारत के सम्पूर्ण समाज से भी अपील की है कि वह इन षड्यंत्रकारियों के बहकावे में न आकर देश के भाई चारे को बनाये रखे।

जारी कर्ता :

विनोद बंसल

(राष्ट्रीय प्रवक्ता)

विश्व हिन्दू परिषद्

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।