पेंशन और दलाली..

Read Time0Seconds

amit
वृद्घों-विधवाओं की एक मात्र सहारा पेंशन है,
पर इसमें होती दलाली जो बहुत बड़ी टेन्शन है।

मैं तो कहता हूँ इन दलालों की बवालबाजी बन्द करो,
पेंशन बनवाने में होने वाली तिकड़मबाजी बन्द करो।

ये दलाली होती है बैंकों और दलालों की साठगांठ से,
उसी पेंशन से ये दलाल जीते हैं जिंदगी ठाठ से।

जितनी पेंशन आती है उसमें दलालों का आधा हिस्सा है,
बात नहीं ये आज की,ये बहुत पुराना किस्सा है।

जो देते नहीं हैं इन्हें दलाली उनकी पेंशन कटवाते हैं,
ये विधवाओं-वृद्घों की पेंशन के पैसों से मौज उड़ाते हैं।

सिर्फ़ नाम मात्र के पैसे ही इनके हाथों में आते हैं,
बाकी पैसे तो दलालों के बटुओं में चले जाते हैं।

ये बात है उन लाचारों की,जो सब सह जाते हैं,
सब देखते हैं सुनते हैं,पर केवल चुप रह जाते हैं।

                                                                            #अमित कैथवार

परिचय : शौकिया लेखक अमित कैथवार उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर (खीरी )में मितौली ग्राम में रहते हैं।

 

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

आयकर......

Sat Apr 1 , 2017
हम अपने देश के विकास के लिए आयकर देते हैं। पिछली सरकार के 10 वर्षों में और पहले की भी कई सरकारों के कार्यकाल में बहुत से भ्रष्टाचार के मामले सामने आए। इन भ्रष्टाचारियों द्वारा लूटा गया पैसा हम सबने देश का विकास करने के लिए आयकर के रुप में जमा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।