नारी काली है

Read Time0Seconds
aarti jain
एक नारी दूसरी नारी को
समझेगी
तब सम्मान की बगिया
खिलेगी
खुशी से निभाओं अपने हर
  फर्ज
आँसू का सूत समेत चुकाना
कर्ज
मानती हु हर रिश्ता है तुम्हारी
जान
पर मत भूलना प्यार से बड़ा है
मान
बेशक आएगा तुम्हारे ख्वाब में एक
नवाब
पर तुमसे खेले तो देना सही वक्त पर सही
जवाब
नारी तुम कली नहीं हो साक्षात हो एक
काली
तुम फूल नहीं जिसका बन जाए कोई अंजान
माली
अगर जीवन साथी बनकर नहीं रहे
पावन
उसे वही एहसास दिलाना जब आये नया
सावन
क्यूँ कहता है नारी को पुरुष एक
पतन
नारी से अनमोल नहीं होता है कोई
रतन
अपने अस्तित्व की नारी कर तू असली
पहचान
कब तक अपनी शक्ति से रहेगी तू
अनजान
आज ना नारी बड़ी है ना पुरुष
बड़ा है
संसार का चक्र पुरूष और नारी दोनों पर
खड़ा है
नारी सीख ले तू करना अपना सही से
मान
तब पुरुष सीखेगा अपनी गलती पर पकड़ना
कान
तब दूंगी में महिला दिवस की दिल से
शुभकामना
जब नारी की नारी से मित्रता की पूरी होगी
मनोकामना
#आरती जैन
परिचय:  आरती जैन राजस्थान राज्य के डूंगरपुर में रहती है। आपने अंग्रेजी साहित्य में एमए और बीएड भी किया हुआ है। लेखन का उद्देश्य सामाजिक बुराई दूर करना है।
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

तांडवी

Tue Mar 5 , 2019
डम डम डमरू  बजे शिवरात में। बम बम सबही कहे अब साथ में। जय शिव जय पार्वती कह आरती। जन गण मन शिंभु  शंकर  भारती। सर हद पर वीर धीर सँभालते। हर हर  बम  भारतीय उचारते। सजग सकल देश शिंभु कृपा रखे। मनुज  मन  रहे  सनेह  दया  सखे। नियति  नियम […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।