मैं नशे में हूँ

Read Time0Seconds
niraj tyagi
उजाले मंद हुए , मैं  मयखाने चला गया।
जख्म उजागर ना हो,मैं पीता चला गया।।
जैसे  जीवन  से  कभी  नफरत होती थी।
बस मैं वैसे ही जीवन जीता चला गया।।
चंद बूंदे मय की जो मुझ को छू गयी।
मैं मयखाने को खुद जीता चला गया।।
दिल  जो  अश्को  से  डूबा  रहा  बरसो  से,
उन अश्को को मय के साथ पीता चला गया।
कुछ  उम्मीद  थी  मुझसे मेरे अपनो को,
कुछ  उम्मीद  थी  मुझे  मेरे  अपनो  से,
जो कर ना पाया मैं अपने सपनो को पूरा,
उन   उम्मीदों   को   पीता   चला   गया।
मयखाना  भी  हमराज  सा  हो गया मेरा,
उसके  बिन  पूछे  ही  मैं  अपने राज उसे
बताता  चला  गया,बदनाम कर दिया खुद
मयखाने ने मुझे इसने भी धोखा मुझे दिया,
मय की चंद बूंदों ने प्रियशी की तरह
छुआ मुझको  , वो धोखा करती रही
मुझसे  और मैं उसको अपना समझ
कर  पीता  चला  गया ।
धोखे खाने की आदत कुछ ऐसी पड़ी,
मय  का  नशा अभी उतरा ही नहीं था,
धोखो  की तलाश मैं फिर निकल पड़ा,
धीरे धीरे जीवन बस यूँ ही निकल गया।
नीरज त्यागी
ग़ाज़ियाबाद ( उत्तर प्रदेश ).
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

वाह!जिंदगी

Wed Dec 12 , 2018
“जीना-मरना, मरना-जीना, ये तो सब ईश्वर का खेला, नेकी की बस राह चलें हम, ये दुनिया तो है इक मेला।। रोज ही होते नये तमाशे, कठपुतली सा नाच-नचाते, इतनी कठिन डगर जीवन की, हर आदमी लगे अकेला।। उसकी रहमत सब पर बरसे, यही दुआ हम करें हमेशा, सुख-दुःख की है […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।