सुहाग

Read Time0Seconds
gopal
भरती हैं सिंदूर की लंबी मांग
जीवन साथी ही उसका भाग ।
करें वटसावित्री , करवा चौथ
व्रत ताकि  दीर्घायु रहें सुहाग ।।
जीवन महकता रहें दिलबाग
खुशियों के  संग हो  हर राग ।
वह चलती हर पथ संग-संग
समझकर वह अपना सुभाग ।।
सतीरुप में ग्रहण करती आग
सुहाग के लिए कर देती त्याग ।
यमराज से भी वापस ले आती
अपने तपबल पर अपना सुहाग ।।
नारी का एक उजाला है सुहाग
चाहें गोरा हो  या काला सुहाग ।
मांगें यही  आशीष माँ गोरा से
हर जन्म में रहें मेरा अटल सुहाग ।।
# गोपाल कौशल
परिचय : गोपाल कौशल नागदा जिला धार (मध्यप्रदेश) में रहते हैं और रोज एक नई कविता लिखने की आदत बना रखी है।
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

तेरी मुझको आदत सी होने लगी है

Fri Oct 26 , 2018
मुझको तुझसे चाहत सी होने लगी है तेरी मुझको आदत सी होने लगी है ढूंढते रहती है तुमको ही नजरें मेरी नजरें करम इनायत सी होने लगी है तुम्हे देखकर ही मिलता है चैनों सुकून लगता है जैसे राहत सी होने लगी है मांगता रहा दुआओं में तुमको ही तो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।