आई .. आई .. सीबीआई ….!!

Read Time3Seconds
tarkesh ojha
tarkesh ojha

सीबीआई विवाद पर खांटी खड़गपुरिया तारकेश कुमार ओझा का पंच …

हम समझते थे , कुछ बात है तुममें
जरा अलग है हस्ती तुम्हारी …
लेकिन यह क्या , यहां भी वही छीनाझपटी और खींचतान की बीमारी
वही मैं बड़ा और  स्वार्थ का झगड़ा
पद, पैसा और पावर का लफड़ा
बड़ा शोर सुनते थे आई .. आई .. सीबीआई
आज हर तरफ क्यों हो रही जगहंसाई
क्यों चल रहा शह – मात और घात – प्रतिघात
सैकड़ों पैबंदों से भी क्या बनेगी बात
अधिकारी बदलने से क्या बदलेगी सूरत
लौटे पाएगी जांच एजेंसी की पुरानी मूरत…

#तारकेश कुमार ओझा

लेखक पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में रहते हैं और वरिष्ठ पत्रकार हैं | तारकेश कुमार ओझा का निवास  भगवानपुर(खड़गपुर,जिला पश्चिम मेदिनीपुर) में है |

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

नहीं होता

Thu Oct 25 , 2018
क्यों किसी का इशारा नहीं होता कोई दिलबर हमारा  नहीं  होता चारों  ही  तरफ  क्यों  है  सन्नाटा भला खूबसूरत क्यों नजारा नहीं होता फँसे समुंदर में मझधार में आकर किस्मत में क्यों किनारा नहीं होता खुशियां साथ होती मेरे भी अक्सर अगर कोई बाजी मैं हारा नहीं होता करें ऐतबार […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।