सोशल मीडिया के माध्यम से हिन्दी भाषा का प्रचार-प्रसार

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gagan satyam shhukla

तमाम विद्वानों ,लेखकों और आज की उपयोगिताओं को देखते हुये हम ये कह सकते है और मानते भी है कि सोशल मीडिया हिन्दी के पुनरुत्थान के सहायक सिध्द हुयी।

हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया का बहुत बडा योगदान है।
हिन्दी आज विश्व की दूसरी बड़ी भाषा है और उसकी साख दिनों दिन बढ़ती जा रही है। अमरीका जैसे विकसित और विश्व के अगुआ देश में हिन्दी के पठन-पाठन का महत्त्व दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। हिन्दी फिल्म उद्योग विश्व में एक बड़े उद्योग के रूप में स्थापित हुआ है और हिन्दी संगीत को बोलबाला भी बढ़ा है। हिन्दी के समाचार पत्रों की संख्या और उनकी प्रसार संख्या में गुणात्मक परिवर्तन आया है। हिन्दी पत्रिकाओं की तादाद बढ़ी है। यूनिकोड फोंट के विकास के बाद इंटरनेट की दुनिया में क्रांतिकारी परिवर्तन घटित हुआ।

#गगन सत्यम शुक्ला”नैना”
परिचय-
कवियत्री  :- गगन सत्यम शुक्ला”नैना”*
शैक्षिक योग्यता  :- स्नातकोत्तर ( संस्कृत, हिन्दी) पी.एच.डी. (संस्कृत)*
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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।