भारतीय नागरिक

Read Time0Seconds
nikhilesh yadav
एक सच्चे भारतीय नागरिक का प्रतिनिधित्व करती कुछ पंक्तियाँ
दीप मैं जलाता हूँ, ईद भी मनाता हूँ,
भांगड़ा भी पाता हूँ, जिंगलबेल गाता हूँ।
नदियों की कलकल के, हिरणों की हलचल के,
बरखा और बादल के, गीत मैं सुनाता हूँ।
सैनिकों के शौर्य की, किसानों के धैर्य की,
शिक्षक के स्थैर्य की, मैं अनकही गाथा हूँ।
अब्दुल से अधीश को, निर्धन से धनीश को,
जोड़ने की कोशिश को, शीश मैं नवाता हूँ।
नाम : निखिलेशसिंह यादव
जन्मतिथि : 21.10.1977
पता : शास्त्री नगर, गोविंदपुर रोड,
गोंदिया-441601(महाराष्ट्र)
सम्पर्कसूत्र : मोबाइल 9049516103
सम्मान : साहित्य सृजन सम्मान
प्रकाशन : विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

बेटीयॉं,,,,

Sat Sep 8 , 2018
कुमकुम का टीका है बेटी,, कुरान और गीता है बेटी,, जो सब रिश्तों पर भारी हो, वो एक रिश्ता है बेटी,, एक अभूज पहेली है बेटी,, एक मां की सहेली है बेटी,, भाई के ह्रदय की जान है,, और पिता के सर का मान है,, पायल की झंकार है बेटी,, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।