आजादी के मायने

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babulal sharma
1..🌼
आजादी के मायने,नहीं स्वच्छंदता शोध।
कर्तव्यों का भार है, अधिकारों का बोध।।
2..🌼
मन मानी मानो मती,  स्वतंत्रता  के भाव।
जिम्मेदारी बहुत है,करिए सहज स्वभाव।।
3..🌼
भोजन पोषण वस्त्र तो, मिले भवन के संग।
शिक्षा सेहत चिकित्सा, हर सामाजिक अंग।।
4..🌼
आजादी  मानो  तभी, हो  नारी  का  मान।
शिक्षित बेटी अभय हो,फले खूब अरमान।।
5..🌼
आजादी कहते उसे,करे किसानी मान।
धरा  पूत  संतुष्ट  हो, पेट  भरे  इंसान।।
6..🌼
आजादी  हम मानले, प्रभुसत्ता  सरकार।
संविधान सेना सहित,संसद के अधिकार।।
7..🌼
आजादी  के मायने, जय जवान  की शान।
रक्षा  खातिर देश की, हो सैनिक का मान।।
8..🌼
आजादी तब ही भली,खुशी रहे मजदूर।
रोजी  रोटी के लिए, कोइ न हो  मजबूर।।
9..🌼
आजादी समझें तभी,अवसर मिले समान।
भले  लोग  थामें रहें, भलेहिं  देश  कमान।।
10..🌼
आजादी  के  फेर में, बढ़े  नहीं  अपराध।
दंड कठोर विधान हो,सुजन स्नेह आराध।।
11..🌼
आजादी मेरी यही, करूँ  कर्म  दिन रात।
सबके संगत मन रहे,मन से मन हो बात।।
12..🌼
आजादी का अर्थ है,  कट्टरता  नहि  धर्म।
सनातनी  संस्कार है, सभी करें  सतकर्म।।
13..🌼
जाति धर्म झगड़े नहीं,नहिं सामाजिक भेद।
आजादी के  हित बहे ,सबके  रक्त व स्वेद।।
14..🌼
भ्रष्टाचार  दूर  रहे , शासन  या सरकार।
आजादी लगती तभी, सदाचार संस्कार।।
15..🌼
चोरी चुगली हो नहीं, लूटपाट नहि काम।
दीखे  आजादी  तभी, भले  भलाई राम।।
16..🌼
गुरुजन माता पिता का,होय सदा सनमान।
आजादी  संतान  की, भली लगे  यों जान।।
17..🌼
लोकतंत्र हो  देश में, जन प्रिय हो  सरकार।
आजादी तब ही भली,जनमत का सतकार।।
18..🌼
देश विदेशी  पर्यटन, सुखमय शुभ सद्भाव।
आजादी  सबको मिले, पंथ उपास चुनाव।।
19..🌼
बच्चों को शिक्षा मिले,बाद मिले रुजगार।
बेटी  बेटा  सम  रहे , आजादी   उदगार।।
20..🌼
क्षेत्र और भाषा नहीं, संस्कृति हो आधार।
अनेकता  में  एकता , आजादी   दरकार।।
21..🌼
आजादी सु विकास की,मानव और समाज।
देश विकासे  सर्व जन, फिर मानवता साज।।

नाम- बाबू लाल शर्मा 
साहित्यिक उपनाम- बौहरा
जन्म स्थान – सिकन्दरा, दौसा(राज.)
वर्तमान पता- सिकन्दरा, दौसा (राज.)
राज्य- राजस्थान
शिक्षा-M.A, B.ED.
कार्यक्षेत्र- व.अध्यापक,राजकीय सेवा
सामाजिक क्षेत्र- बेटी बचाओ ..बेटी पढाओ अभियान,सामाजिक सुधार
लेखन विधा -कविता, कहानी,उपन्यास,दोहे
सम्मान-शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र मे पुरस्कृत
अन्य उपलब्धियाँ- स्वैच्छिक.. बेटी बचाओ.. बेटी पढाओ अभियान
लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।