पानी    

Read Time1Second

suresh sourabh

टोटी से पानी बह रहा है , उसके सामने बैठी एक महिला तसल्ली से स्वेटर बुन रही है । उसके सामने से एक आदमी निकला । महिला के दरवाजे पर बहते पानी को देखते हुए चला गया। लगभग एक घंटे बाद उधर से फिर निकला टोटी से फालतू पानी अब भी बह रहा था। यह देख , उसे गुस्सा आ गया, पर सारी गुस्सा को पीकर हाथ जोड़कर  महिला से बोला-बहन जी एक घंटे से फालतू में पानी बह रहा है कम से कम टोटी बंद ही कर दो।
‘हुंह कौन पैसा लग रहा है, पर कुछ लोगो की टोकने आदत होती है। महिला तुनक कर बोली।
“बहन जी पानी बचाएं धरती पर पीने लायक पानी बहुत कम है।”
“अपना रास्ता देखो खामखा क्यों लटी-पटी सुनना चाहते हो। महिला की त्योरियॉ चढ़ते देख वह आदमी नाक भौ सिकोड़ते हुए भुनभुनाते हुए चला-‘पड़ गई तुम औरत वर्ना थ्रो बाल की तरह उड़ा देता।’

 #सुरेश सौरभ
    लखीमपुर खीरी

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

चलते रहो बढ़ते रहो

Thu Jul 26 , 2018
लक्ष्य को पाने के लिए चल पड़ो, जिधर लें चले कदम, सुबह शाम की हो फिकर न धूप छाँव का हो असर, स्निग्ध सी मुस्कान हो, हौसला बुलंद हो जीत का जुनून हो चलते रहो बढ़ते  रहो हृदय में सुंदर गान हो, अवसान भी हो जाये तो, चलते रहो,चलते रहो, […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।