सम्मान

2
Read Time2Seconds
deepmala
सुबह से शाम तक कर्तव्य  निभाने  डटी रहती हूँ |
मैं  अच्छी  हूँ या नही ये  जानने को आतुर  सी
तुम्हारे  समक्ष  खड़ी  रहती  हूँ |
बेटी ,पत्नी ,माँ  हर  रुप  में कर्तव्य  का  निर्वहन
करती  हूँ |
पर  अपने  इन  रूपों  का  सम्मान  खुद  कहाँ
करती  हूँ |
मैंने  सम्मान  माँगा  है ,खुद का किया  नहीं |
इसलिए मुझे सम्मान  मिला  नहीं |
मैं  अक्सर  तुम्हारी  दृष्टी  से  खुद  को  देखती  हूँ |
और  खुद  को  हेय समझ लेती हूँ |
खुद  कमजोर  बन ,तुम्हे  शक्तिशाली  बना  देती  हूँ |
खुद  पराजित  हो ,तुम्हे विजयी  बना  देती हूँ |
अब  मैं  विवश  होकर  तुम्हारे  समक्ष  नही  गिरूँगी |
अब  अपना  सम्मान  मैं  खुद  करूँगी |
जो  अमृत  पान  अब तक  तुम्हे पिलाया ,स्वयं  उसका
पान करूँगी |
मैं  तुम्हारा  अपमान  नही  ,अपितु  स्वयं  का  सम्मान
करूँगी |
नाम-दीपमाला
पता-दतिया(मध्यप्रदेश)
शिक्षा-डिप्लोमा इन इलेक्ट्रिकल इंजीनयरिंग
विधा-कविता, गीत, मुक्तक
मुझे श्रीमती स्वेता जायसवाल जी के द्वारा आपके बारे में पता चला।
उद्देश्य-खुद को पाना
कार्य क्षेत्र-गृहिणी
शीर्षक-सम्मान
0 0

matruadmin

2 thoughts on “सम्मान

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

वो लड़की

Wed Jun 13 , 2018
आज आफिस के लिए घर से निकलने में कुछ देर हो गई तो लगा कहीं आठ बजे वाली बस निकल न गई हो । खै़र, तेज कदमों से चलता बस स्टैंड पहुंचा तो बस चलने ही वाली थी । पहली सीट पर रोज़ की तरह तिवारी जी विराजमान थे । […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।