`जसोदा`…..अम्माँ जी की काम वाली बाई,प्रश्नवाचक आश्चर्य से देखती हुई कुछ पूछे,उसके पहले ही अम्माँ जी ने स्पष्टीकरण कर दिया…l `सुन …! सामने वाली सुनीता ने दीए तो ले लिए पचास, पर रुई बाती बनाने का टाइम बिलकुल न है उसके पास। और दीवाली के दिनों में बाती बनाकर रखना […]
लघुकथा
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