भाषा करती है सांस का अभ्यास हास परिहास के कंटक झाड़ों पर चिर जाती है भाषा जैसे हो पतंग भाषा है मिट्टी ,पानी और हवा भी पूर्ण रूप से प्राण है अपनी भाषा मूक कोंपलों सी कराहती हुई वह ढूंढ रही है व अपनी वेशभूषा को छटपटा रही है भाषा […]
छतरपुर(म.प्र.) | 3 फरवरी 2019 को छतरपुर(म.प्र.) में कवि सम्मेलन एवम पुस्तक विमोचन तथा सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत बीसलपुर,पीलीभीत(उ.प्र.) व जय जय हिन्दी पटल के संस्थापक प्रिय दिलीप कुमार पाठक ‘सरस’ जी के अद्भुत संचालन में शानदार और प्रिय नीतेंद्र सिंह परमार “भारत” के संयोजन में […]
