रक्तरंजित मस्तक हुआ , तिलक कहाँ लगाऊँ मैं , अब बोल दो माँ भारती , कैसे तुम्हें सजाऊँ मैं । रोम – रोम सिहर उठे , मन व्याकुल है मेरा , नैन अश्रु बरसाते हैं , कैसे इन्हें बहलाऊँ मैं । क्रूर आत्मघातियों का , धर्म समझ न आता माँ […]
नई दिल्ली | जम्मू कश्मीर के पुलवामा में हुए भारतीय सैनिकों के काफिले पर हमले पर अश्रुुपूर्ण श्रद्धांजलि देते हुए मन व्यथित है.अवंतीपोरा में 39 से अधिक शहीद हुए सैनिको को श्रद्धांजलि देते हुए जंतर मंतर पर आक्रोश प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में मा. आलोक कुमार जी कार्याध्यक्ष विश्व हिन्दू […]
तेरी इस ओछी हरकत का तुझको जबाब अब हम देगे, कतरा-कतरा तेरे खूं का सारा निचोड़ अब हम लेगे, तूने कायरता दिखला कर छुप कर पीछे से वार किया, आखिर सच में तूने अपनी फिर से औकात को दिखा दिया, इस हरकत को देख तुझे थोड़ी भी शर्म नही आई, […]
सारी दुनिया से अपनी, पहचान मिटा कर चले गए, भिगोकर खून में वर्दी, कहानी दे गए अपनी I मोहब्बत वाले दिन, वतन पर जान लुटा गए , और वतन से मोहब्बत वो, इस कदर निभा गए II अपनी सारी खुशियाँ और, अरमान लूटा कर चले गए, मोहब्बत मुल्क की सच्ची, […]
नई दिल्ली। फरवरी 16, 2019। पुलवामा (कश्मीर) के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देने तथा आतंकी पाकिस्तान के विरुद्ध रोष प्रकट करने हेतु दक्षिणी दिल्ली के लाजपत नगर मेट्रो स्टेशन से सेंट्रल मार्केट तक दीप यात्रा निकाली गई। दीपयात्रा के समापन पर उपस्थित देशभक्तों के जत्थे को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू […]
निकले थे जो सुरक्षा को हमारी बलिदान धरा पर हो गए आतंकवाद का खुद निशाना हमारे ही प्रहरी हो गए एक नही, चवालीस घरो के चिराग़ अचानक ही बुझ गए कई वीरांगनाओं का सुहाग उजड़ा कई माताओं के लाल गए कई बहनों ने भाई खोये कई बालक अनाथ हो गए […]
मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए।
आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं।
कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।