वाह वाह मोदी जी …………….

ankit jain
आम आदमी के अच्छे दिन ला दिए
वो पुराने वाले दिन याद सबको दिला दिए
वाह वाह मोदी जी अच्छे दिन आ गये
कहते थे की कांग्रेस की सरकार खराब है
बढ़ाया दाम पेट्रोल डीजल का नीयत खराब है
अब स्वयं दाम दुगने तुमने बड़ा दिए
वाह वाह मोदी जी…………
में न खाऊंगा न खाने दुंगा ये है वादा मेरा
कालाधन वापस लाऊंगा ये वादा है मेरा
अब माल्या और मोदी क्यो रंगेलिया मना रहे
वाह वाह मोदी जी ……………
राहुल भी हारे हारे अखलेश ताऊ है
कहते हैं कि ऐ वी एम में जादू है
आप तो जीत की  खूशियां मना रहे
वाह वाह मोदी जी ………………
गरीब का कल्याण करूंगा किसानों का बेटा हूं
अब रो रहा है किसान लाले पढ़े है एक एक रोटी के
 किसानों का बुरा हाल है यही क्या अच्छे दिन आ गये
 ‎वाह वाह मोदी जी…………
आंखे फोड़ी जग जग कर की खूब पढांई की
अच्छे नम्बरो से पास हुआ मेहनत  सफल हुई
पर नौकरी का लुत्फ कम नम्बर वाले उठा रहे
वाह वाह मोदी जी………….
किसान रो रहा है व्यापारी रो रहा
नोट बन्दी से आम आदमी रो रहा
आप तो बस विदेश घूमने जा रहे
वाह वाह मोदी जी …………….
नाम-अंकित जैन
साहित्यिक उपनाम-विरागांकित
जन्म स्थान -पथरिया
वर्तमान पता- पथरिया जिला दमोह
राज्य-मध्यप्रदेश
शहर-पथरिया
शिक्षा- बी. ए.(अध्ययनरत)
विधा -गीत/कविता/लेख
अन्य उपलब्धियाँ- संगीत में गाना और बजाना दोनों में ही समाज के चहेता
लेखन का उद्देश्य- मात्र भाषा हिन्दी भाषा के प्रचार-प्रसार और हिंदी भाषा को बढ़ावा देने का प्रयास करना 
 

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।