गजल कहूँगी

megha yogi
मिटा के हस्ती मैं अपनी सारी तुझे खुदा कर गजल कहूँगी;
सनम ये साँसो की रौनकें सब तुझे अता कर गजल कहूँगी !!
हाँ जिस्म महिवाल सोणियो का,डुबा गई थी वो कच्ची माटी;
मिटा न पाई जो इश्क़ उनका वही वफा कर गजल कहूँगी !!
लगी हुई है जो मेरी जानिब,वही तुझे भी जला रही है ;
जो और भड़का दे इश्क़े आतिश,मैं वो हवा कर गजल कहूँगी!!
फिरे फकीरों सा रात भर तू,है तुझको आख़िर तलाश किस की ;
ऐ चाँद सानो पे मेरे आजा तुझे सुला कर गजल कहूँगी!!
सनम तू ईमान मेरा अब से,ये जिस्मों जाँ सब निसार तुझ पर ;
मैं तेरी राहों में सुर्ख गुल सा ये दिल बिछा कर गजल कहूँगी !!
है मुझ पे उस रब की ये इनायत,जो उसने “मेघा” कलम है बख़्शी;
कलम जो गुलजार बन के महके,मैं मुस्कुरा कर गजल कहूँगी !!
#मेघा योगी
परिचय:
नाम-मेघा योगी 
साहित्यिक उपनाम-मेघा 
वर्तमान पता- गुना 
राज्य-मध्य प्रदेश 
शहर-गुना 
शिक्षा-Bsc biotechnology PGDCA 
कार्यक्षेत्र-विद्यार्थी 
विधा -गीत,गजल,मुक्तक,छंद,लेख,लघुकथा,कहानीआदि
मोबाइल/व्हाट्स ऐप – 
प्रकाशन-देश की ईपत्रिकाओं सहित विभिन्न पत्रिकाओं एवं अखबारों में समय समय पर रचनाओं का प्रकाशन,साझा गजल संग्रह गुंजन 
सम्मान-अंतरा शब्द शक्ति सम्मान 
ब्लॉग-
अन्य उपलब्धियाँ-
लेखन का उद्देश्य -माँ हिंदी की सेवा कर आत्मसंतुष्टि को प्राप्त करना 

matruadmin

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।