देवघर।
राष्ट्रीय कवि संगम का वार्षिक अधिवेशन ८ अक्टूबर को देवघर (झारखंड) में हुआ हुआ। इसमें धनबाद के कवियों ने अपनी रचनाओं से धूम मचा दी। खास तौर पर सांसद निशिकांत दुबे की बतौर अतिथि उपस्थिति रही।
इस सम्मेलन में श्री दुबे के संबोधन से कवियों में उत्साह का शानदार वातावरण बन गया। यहां राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल एवं प्रान्त प्रभारी दिनेश देवघरिया की उपस्थिति और मार्गदर्शन से यह आयोजन पूरी तरह सफल रहा।
इसमें कुल १२० कवि उपस्थित हुए,जिसमें जिसमें से ८७ ने बेहतरीन काव्यपाठ किया।
बसंत जोशी के हास्य,
डॉ.संगीता नाथ के मधुर गीत सहित
सुमन मिश्रा के भोजपुरी गीत,रविकर जी के छंद,राजेश अनुभव के राष्ट्रीय गीत,
अनन्त जी की कविता,अजय मिश्र की गज़ल और एस.के मण्डल की व्यवस्था पर प्रहार वाली रचना सराही गई। ऐसे ही एस.के.पंडित के गीत,मीतू सिन्हा के हास्य,विनोद जी की कविता,रौशन रसिक की कविता एवं मंजू शरण की कविताओं ने गजब का समा बांध दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री मित्तल ने की,जबकि विशिष्ट अतिथि सांसद श्री दुबे थे। राष्ट्रीय कवि संगम की प्रांतीय इकाई द्वारा आयोजित उक्त वार्षिक अधिवेशन में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया।
धनबाद के राजेश अनुभव को प्रांतीय इकाई के उपाध्यक्ष का पद एवं अनन्त महेंद्र को झारखंड प्रदेश संगठन मंत्री का पदभार दिया गया।
साहित्य में योगदान के लिए अधिवेशन में दो विशेष सम्मान भी दिए गए। ‘नवांकुर’ सम्मान धनबाद की सुमन मिश्रा को तथा ‘साहित्य धरोहर’ सम्मान वसंत जोशी को दिया गया।
इस कार्यक्रम में राजेश अनुभव,प्रांतीय संगठन मंत्री-अनंत महेन्द्र और
जिलाध्यक्ष-दिनेश रविकर का काफी सहयोग रहा।