अब आँख बन्द करके,गद्दारों को हमने ही मारा है।
हर एक युद्ध में पाक ने,अपनी हारों को स्वीकारा है॥
शायद पाक फिर से,भूल गया है अपनी औकात को।
यह याद दिलाने को ही,वीरों ने आंतकियों को मारा है॥
जिस आंतक के बल से,पाक ने हमें ललकारा है।
उसकी औलादों को हमने,घर में घुसकर मारा है॥
आंतक के आकाओं तुम भी,कान खोलकर सुन लेना,
अबके पाक सीमा पर गूंजेगा,भारत माँ का नारा है॥
#रोहित दाधीच
परिचय: रोहित दाधीच की जन्मतिथि १८ मार्च १९९३ तथा जन्म स्थान- लुहावद (कोटा)है। आप राजस्थान राज्य के कोटा शहर में ही बसे हुए हैं। अभियांत्रिकी की शिक्षा हासिल की है और पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। विधा के तौर पर वीर रस में लेखन करते हैं। सम्मान के रुप में ऐरावत अंलकरण ,काव्य भूषण तथा काव्य गौरव सम्मान
प्राप्त हुआ है।