ज़माने के रंग

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jitpal
जमाने के कई रंग देखे हैं हमने,
कभी तपती धूप,कभी बारिश में उजाले देखे हैं हमने।
जो इंसा सब कुछ खोने को तैयार है हमारे लिए,
उसी के काले निवाले देखें हैं हमने।
जब से होश संभाला है,धरती पर रेंगता है इंसान,
उसी इंसान को उड़ती हवाओं में देखा है हमने।
सोचता हूँ क्या धरोहर है खुदा की?जो रमती है कण-कण में,
उसी पत्थर को टूटते सड़कों पर देखा है हमने।
बहते पानी का रुख बदल दूँगा!,बड़े गुरूर से कहता है व्यक्ति,
उसी पानी में डूबते इंसा को देखा है हमने।
अब सोचकर देख ए अनमोल प्राणी,तेरी बातों की औकात क्या थी?
तेरी चिता पर अंगारों को सुलगते देखा है हमने।
मगरूरियत के वश में वशीभूत है या नशा है तुझे शाह-ए-शरीर का,
उन्हीं वेदांतों को बिलखते शव पर देखा है हमने।
न दौलत,न शौहरत,न महल है तेरा, बसेरे के लिए।
एक ही घाट पर फकीरों के साथ तुझे देखा है हमने।
                                                                    #जीतपाल सिंह यादव ‘आर्यवर्त’ 
परिचय: जीतपाल सिंह यादव ‘आर्यवर्त’ की जन्मतिथि-८ जुलाई १९९३ एवं जन्म स्थान-बंजरपुरी पवाॅसा सम्भल (उत्तर प्रदेश) है। शिक्षा-एमए(राजनीति शास्त्र)और कार्यक्षेत्र-अध्यापन और अध्ययन है। सामाजिक क्षेत्र में आपने गरीबों के लिए संघर्ष की दिशा में एक समिति बना रखी है। देवनागिरी लेखन के साथ ही गायन भी करते हैं। लिखने की प्रेरणा समाज से ही ली है।

matruadmin

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।