छत्रसाल बुंदेलखंड केसरी

sudha kanouje
शूरवीर बुंदेला छत्रसाल सो प्रिये,
बस गयो बुंदेलखंड जन-जन के हिये।
परताप महाराजा को ध्यान धर ले,
बुंदेलखंड आन,बान,शान के लिएll
युवाओं को छाती अगन भर दे,
कथाओं में खुद को मगन कर ले।
बुंदेलखंड माटी नमन कर ले,
मातृभूमि जीवन हवन कर दे।
जिंदाबाद-जिंदाबाद वीर छत्रसाल,
बुंदेलखंड जन-जन भजन कर ले।
चंपत जी संघर्ष झेलते,जीवन मरण लिधौरा,
विंध्य बनो मोर पहाड़ी,ककर कचनाए ढेरा।
वनराज जन्मे,वनदेव ध्यान है,
बहादुरी पराक्रम रग प्रान है।
लालकुंवर माई की संतान है,
बुंदेली शौर्य संस्कार खान है॥
गर्वी वसुंधरा पाई मान है,
तोप,तलवार,रक्त धार भान है।
मामा धंधेर कौशल ज्ञान दे,
देवकुंअरी साजन भए सुजान है।
साहस महाराजा मनन कर ले,
बुंदेलखंड केशरी रटन कर ले।
जिंदाबाद-जिंदाबाद वीर छत्रसाल,
औरंगी की सेना भागी,त्यागी मनसबदारी,
वीर बुंदेला बुंदेलखंड,कर लीन्ही रखवारी।
जनता को संग ले सेना बनाई,
राष्ट्रप्रेम भावना सबमें जगाई।
मुठ्ठी भर सैनिक सेना सजाई,
छापामार योद्धा नीति सिखाई।
किलेदार मांधाता कांलिजभाई,
अठत्तर में पन्ना रजधानी बनाई।
प्राणनाथ राज्याभिषेक सुहाई,
मुगलों की सेना को धूल चटाई।
हार जाये वंगस जतन कर ले,
गैल छत्रसाल-सी चयन कर ले।
जिंदाबाद-जिंदाबाद वीर छत्रसाल॥
                                                                                #सुधा कनौजे 
परिचय : श्रीमती सुधा कनौजे मध्यप्रदेश के दमोह में न्यू हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी (विवेकानंद नगर) में रहती हैंl श्रीमती कनौजे दमोह के  जिला शिक्षा केन्द्र में एपीसी(जेण्डर) हैंl 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।