जयपुर साहित्य सम्मान में मालवा के रचनाकार भी होंगे सम्मानित

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इन्दौर। जयपुर साहित्य संगीति “विशेष साहित्य सम्मान की घोषणा संयोजक अरविंद कुमार संभव ने की जिसमें इन्दौर के ख्यात लघुकथाकार राममूरत राही की कृति भूख से भरा पेट, मातृभाषा उन्नयन संस्थान की सदस्य देवास से यशोधरा भटनागर की कृति एल्बम व दिल्ली से मुकेश सिन्हा की कृति है ना! सहित तीस कृतियाँ चयनित हुई।

जयपुर साहित्य सम्मान 2021-22
परिणाम घोषणा

(भाग ब)

जयपुर साहित्य संगीति विशेष साहित्य सम्मान पत्र
2021-2022

चयनित उत्कृष्ट कृतियों हेतु

  1. समंदर का शहर, काव्य संग्रह- सुधा कुमारी जूही, विशाखापत्तनम
  2. कुसुमांजली, काव्य संग्रह- डा. शीला गौरभी, तिरुअनन्तपुरम
  3. केसरिया बालम, उपन्यास – डा. हंसादीप, टोरंटो, कनाडा
    4.रंग गुलाब और कहानियाँ- डा. एम. एस. अली, पन्ना, मध्यप्रदेश
  4. वारसा डायरी, डायरी लेखन- रविरंजन, हैदराबाद
  5. यूरोप जितना समेट पाया और गलवान घाटी- यात्रा वृतांत- के. पी सक्सेना दूसरे, टाटी बंध, छत्तीसगढ़
  6. आरम्भ उद्घोष 21 वीं सदी का- साझा काव्य संकलन, सम्पादक- अनुपमा अनुश्री, भोपाल
  7. वागीशा- कथा संचय- सम्पादक, भारती कुठियाला, शिमला
  8. डॉ. रामकुमार वर्मा का काव्य वैभव- शोध प्रबंध- डा. सन्ध्या जैन, इन्दौर
  9. शाप वरदान की अनूठी कहानियाँ- प्रभा पारीक, जयपुर
  10. तत्वोपप्लवसिंह- चर्वाक दर्शन के कतिपय पहलू- ऋचा आर्य, लखनऊ
  11. लाक्षागृह- काव्य- राजेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, विदिशा
  12. तुम जिंदा हो माँ- काव्य- अजय सिंह राणा, चंडीगढ़
  13. है ना! काव्य- मुकेश कुमार सिन्हा,
    15.द ब्लैंक पेपर- उपन्यास- पूनम मनु, मेरठ
  14. ये कैसा रिश्ता- उपन्यास- डा. सूरज सिंह नेगी, जयपुर राजस्थान
    17 एल्बम- लघु कथा संग्रह- यशोधरा भटनागर, देवास
  15. परिवर्तन- लघु कथा संग्रह- डा. इंदू गुप्ता, फरीदाबाद
  16. झरोखे- लघु कथा संग्रह- प्रतिभा जोशी, अजमेर
  17. रास्ते बंद नहीं होते- लघु कथा संग्रह- गोविन्द शर्मा, हनुमानगढ़
  18. टच स्क्रीन- लघु कथा संग्रह- डा. नीना छिब्बर- जोधपुर
  19. भूख से भरा पेट- लघु कथा संग्रह- राम मूरत राही, इंदौर
  20. चेहरे पर चेहरा- लघु कथा संग्रह- सेवा सदन प्रसाद
  21. अश्रु विपंची- काव्य संग्रह- अनूप कटारिया, जयपुर
  22. उलझन बुलझन प्यार- उपन्यास- भुवनेश्वर उपाध्याय, दतिया
  23. कमरा नंबर 909- उपन्यास- डा. अजय शर्मा, जालंधर
  24. उड़ान- कथा संग्रह- प्रियंका, जयपुर
  25. देखा सा मंजर- गजल संग्रह- गोविन्द सेन, धार
  26. लोकतंत्र छुट्टी पर है- काव्य संग्रह- अभय सिन्हा, भागलपुर
  27. दिमाग वालों सावधान- व्यंग्य संग्रह- धर्मपाल महेंद्र जैन, टोरंटो कनाडा

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।