हिंदी भारत की शान हैं

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ए बी सी डी छोड़ो
हिंदी से नाता जोड़ो
हिंदी हमारी शान हैं
अंग्रेजी बनाती गुलाम है
हिंदी को सरताज बनाओ
हिंदी से मिलता सम्मान है
दादी-नानी की कहानियो से
बनता राष्ट्र महान हैं
हिंदी में गीता का ज्ञान है
हिंदी सरस्वती का वरदान है
आओ भारत का गढ़े स्वाभिमान
हिंदी विश्व को वरदान हैं

जय हिंदी!

डॉ.नीना जोशी, इंदौर

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मातृभाषा द्वारा मास्क वितरण कर मनाई आज़ाद जयंती

Thu Jul 23 , 2020
इंदौर। स्वातंत्र्य वीर सैनानी चंद्रशेखर आज़ाद जयंती के उपलक्ष्य में व कोरोना के संकटकाल को देखते हुए हिन्दी भाषा के प्रचार के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा स्थानीय महावर नगर बस्ती में मास्क वितरण करके आज़ाद जयंती मनाई। कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. नीना जोशी रहीं। मास्क वितरण कार्यक्रम में […]

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संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।