लॉक डाउन में चर्चित रहा ‘कॉफी विद किरण’*

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डॉ. कविता किरण द्वारा जारी है ऑनलाइन कवि सम्मेलन

इन्दौर।

वैश्विक महामारी कोरोना के संकट के दौरान व्यक्ति मनोरोगी न हो जाए ऐसा प्रयास कवि कुनबे के द्वारा भी लगातार जारी हैं। इसी कड़ी में फालना राजस्थान की सुप्रसिद्ध कवियित्री डॉ. कविता किरण द्वारा एक माह से लगातार ‘कॉफी विद किरण’ शो ऑनलाइन फेसबुक पर आयोजित किया जा रहा है, जो बहुत चर्चित और प्रसिद्ध हो रहा हैं।
अपने पेज के हजारों प्रशंसकों को नियमित डॉ कविता किरण कविताएँ सुनाती है और चर्चा करती हैं। प्रशंसकों की फरमाइश की कविताएँ भी सुनाती हैं।
यह सत्य है कि विगत 40 दिन से व्यक्ति घरों में है और कोरोना आदि की चर्चाओं से घिरे रहने के कारण आम व्यक्ति मनोरोग का शिकार होते जा रहा है, ऐसे दौर में कवियित्री डॉ कविता किरण द्वारा विगत 30 दिनों से किया जा रहा प्रयास निःसंदेह इस संकट काल में उम्दा प्रयास है। इस कार्यक्रम में डॉ किरण द्वारा लोगों को कोरोना से बचने के टिप्स, सावधानियाँ आदि बताती रहती है।
लड़की सोलह साल जैसी चिरपरिचित और प्रसिद्ध कविता के माध्यम से डॉ. कविता किरण द्वारा लगातार ऑनलाइन कवि सम्मेलन जैसी अनुभूति का संचार किया जा रहा है निश्चित तौर पर काबिल ए तारीफ हैं। उनके इस प्रयास पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा उन्हें शुभकामनाएँ भी प्रेषित की है।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।