मेरा तीर्थ

“सुना है कि तुम तीर्थ पर गए थे ?”

“सही सुना है तुमने “

“कौन से तीर्थ पर गए थे ?”

“गांव ।”

“गांव ! गांव कोई तीर्थ होता है क्या ?”

“हाँ…”

“वो कैसे ?”

“क्योंकि वहाँ मेरे माता-पिता रहते हैं।”

राम मूरत ‘राही’,

इन्दौर

परिचय-

नाम — राम मूरत ‘राही’
लेखन –बाल कहानियाँ, लघुकथाएँ, गज़लें, लेख, कविताएँ, व्यंग्य इत्यादि।

प्रकाशन — देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में।

संग्रह/संकलन — एकल लघुकथा संग्रह ‘अंतहीन रिश्ते’, एक साझा लघुकथा संकलन एवं दो साझा कविता संकलन।
पुरस्कार/सम्मान — अखिल भारतीय माँ शकुंतला कपूर स्मृति लघुकथा प्रतियोगिता (हरियाणा) में, ‘श्रेष्ठ लघुकथा’ का पुरस्कार। क्षितिज साहित्य मंच, इंदौर व्दारा ‘लघुकथा विशेष उपलब्धि सम्मान’। पत्र लेखक मंच जावरा (मप्र) व्दारा सर्वाधिक पत्र लेखन का पुरस्कार। श्री माणिकचन्द्र वाजपेई (मामाजी) पत्र लेखन सम्मान (इंदौर)। नईदुनिया (इंदौर) में दो बार एवं दैनिक ट्रिब्यून (चंडीगढ़) में एक बार पुरस्कृत पत्र प्रकाशित।
संप्रति — म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी से अति.कार्या.सहा.– दो के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त।स्वतंत्र लेखन।
इंदौर(मध्यप्रदेश)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।