मुस्कान हैं बेटियाँ

kartikey

मंद-मंद मुस्काती बेटी,
जीवन का सार सबल बेटी..
गंगा-जमुना-सी निर्मल धार,.
झरने-सी,कलकल बेटी।

नव आशा का उज्ज्वल दर्पण,
पलती-पढ़ती बन होनहार.
प्रकृति का उन्मत्त श्रंगार,
मुस्कानों का उद्गम स्थल..
जीवन का सार सबल बेटी,
मंद-मंद मुस्काती बेटी।

बेटे की आस रहा करती,
बेटी फसलों-सी लहलहाती..
अपने कर्तव्यों की सीमा पर,
सारा जीवन दाँव लगा देती..
बेटा तो तरता एक ही कुल,
बेटी दो कुल को पार लगा देती।

फिर गर्भ में पलते जीवन की,
क्यूँ श्वांसें रोकी जाती हैं ?..
आने दो उसको धरती पर,
हक है उसका उसे पाने दो..
जीवन का सार सबल बेटी,
उसको भी खुलकर मुस्काने दो।।

                                                                             #कार्तिकेय त्रिपाठी

परिचय : कार्तिकेय त्रिपाठी इंदौर(म.प्र.) में गांधीनगर में बसे हुए हैं।१९६५ में जन्मे कार्तिकेय जी कई वर्षों से पत्र-पत्रिकाओं में काव्य लेखन,खेल लेख,व्यंग्य सहित लघुकथा लिखते रहे हैं। रचनाओं के प्रकाशन सहित कविताओं का आकाशवाणी पर प्रसारण भी हुआ है। आपकी संप्रति शास.विद्यालय में शिक्षक पद पर है।

matruadmin

Next Post

राम के आचरण को अपनाएं

Thu Apr 6 , 2017
‘राम’, एक ऐसा नाम,जो न केवल भगवान होने से जाने जाते हैं,वरन उन्होंने ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’-सा जीवन जीकर लोगों के लिए उत्कृष्ट जीवन का मापदंड स्थापित किया है। राम जो हर हिंदुस्तानी की आत्मा है। रोम रोम में बसते हैं, ऐसे हैं प्रभु राम। जब उनके जन्मदिवस का अवसर है,तो देश […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।