नागिन डान्स  

suresh sourabh

‘महराज मेरा व्यापार में बड़ा नुकसान हो रहा है क्या करें।’
‘बेटा, कोई बात नहीं ईश्वर पर भरोसा रखो।भजन में मन लगाओ। दान पुण्य करो ।सब सही हो जायेगा ।बस धैर्य से काम लो।’
‘महराज मेरी बेटी की शादी नहीं हो पा रही है बहुत परेशान हूं क्या करूं।’
‘कोई बात नहीं, ग्यारह   सोमवार अपने पति सहित निर्जला व्रत रहो, सब बिगड़े काम बन जायेंगे।’
‘महराज मेरा पड़ोसी शराब पीकर रोज आता है। और गलियॉ देकर रोज हड़काता है। मैं गरीब हूं। मुझे कई बार पीट भी चुका है । पुलिस मेरी एक नहीं सुनती मैं क्या करूं ,बहुत परेशान हूं ।’
“बेटा कोई बात नहीं, भगवान पर भरोसा रखो। रोज भजन-कीर्तन करो । ब्राह्मण को दान करो। तुम्हारे ग्रह शांत हो जायेंगे।फिर वह परेशान नहीं करेगा।’
महराज अपने भक्तो की शंकाओ का समस्याओं का समाधान कर रहे थे। तभी उस सभा में भगवा पार्टी के करिंदे नागिन डान्स करते हुए महराज के सामने आए और उन्हें  भी पकड़ कर, नागिन डान्स कराते हुए रगड़ कर धो कर, नौ दो ग्यारह हो गये।
अब महराज रोते हुए पत्रकारों से कह रहे थे- कोई बात नहीं ईश्वर पर मुझे भरोसा है। देश की कानून व्यवस्था पर मुझे पूरा भरोसा है । मैं अपने  अपमान का बदला नागिन डान्स की भगवा ब्रिगेड से लेकर रहूंगा।

सुरेश सौरभ 
लखीमपुर खीरी

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम समाचार पत्र के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्मे तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण ने 35 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। अब तक आप 15 पुस्तकों का लेखन कर चुके हैं। इसके अलावा साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान, वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान, वर्ष 2025 में लघुकथा शोध केन्द्र भोपाल द्वारा विशिष्ट हिंदी सेवा सम्मान तथा वर्ष 2026 में वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑफ़ एक्सीलेंस, इंग्लैंड द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही, लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी हैं। भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की माँग को लेकर आंदोलन भी चलाया है। वर्तमान में आप देशभर में हिन्दी आन्दोलन का नेतृत्व करने के कारण हिन्दी योद्धा के रूप में पहचाने जाते हैं।