नारी दुर्गा लक्ष्मी सरस्वती अवतार है, नारी जग जननी ममता और प्यार है। नारी मां बन पोषण करती संस्कार को देती है प्रथम गुरु बन शिशु को आकार नया वह देती है। बहन बनकर नारी भाल पर तिलक लगती है, भैया के हर दुख […]
काव्यभाषा
काव्यभाषा
जय भारत वंदन,जन अभिनंदन, सैनिक सीमा, रखवाला। जहँ बहती गंगा, शान तिरंगा, देश हमारा, मतवाला। सबकी अभिलाषा, हिन्दी भाषा, संविधान है, अरमानी। हम शीश नवाते, वंदन गाते, भारत माता, सन मानी। जय हिन्दुस्तानी,रीत सुहानी, मात भारती,भयहारी। सागर पद परसे,जन मन हरषे, लोकतंत्र जन, सुखकारी। इतिहास पुराना,सब जग जाना, विश्व गुरू […]
