आज की नारी इतनी कमजोर  नही जो झुक जायेगी। करो चाहे पुरजोर जतन तुम, नही वो रुक पायेगी। दिल की सुंदरता कब भला, तेजाब से खत्म हो पायेगी। शक्ति रूप है नारी ,नही मोंम जो पिघल जायेगी। बंद करो तुम अब जिस्मो का व्यापार चलाना। नारी कोई वस्तु नही जो बाजार में बिक […]

मन फितरत आशीष ईमान की। यह हसरत है आज इंसान की। कर कुदरत को मुक्त हैवान से। हजरत सब है रिक्त दीवान से। अरि दल मन से है बईमान येे। सच सच कहता गीत ले मान ये। सरहद पर सेना खड़ी भारती। हर मजहब की आज ये आरती। यह विनय […]

होली का यह रंग,है कितना मनमोहक, लाल,गुलाबी,नीला,काला,पीला, भाता   सभी  को  यह  खूब  है।। आओ हम सब मिलकर होली मनाएँ, प्यार-मोहब्बत का रंग खूब पिरोये। दुश्मनी  भूल  कर दोस्ती  का  रंग, हम  सब  मिलकर  खूब  लगाये।। मेल जोल का सिलसिला तो यूं चलता रहेगा, आओ हम सब मिलकर कुछ नया कर […]

जुर्म कर रहे है वो जुल्म सह रहे हैं जो, बंध के बंदिशो की बेड़ियों में रह रहे है जो, जो तूफानों का कभी मोड़ रूख देते थे, आजकल बिन हवाओं के बह रहे है वो, जो उठाते थे आवाज सबके हित के लिये, अब हो गये स्तब्ध कुछ न […]

तलाश करो तो उजाले मिल ही जायेंगे करो मेहनत तो निवाले मिल ही जायेंगे सिद्दत से प्रभु का ध्यान कर लेना लगन हो तो शिवाले मिल ही जायेंगे मेरी मानो तो घर मे रौनक बना रखना हिफाजत न हो तो जाले मिल ही जायेंगे फरेबी लोगों की बातों में ना […]

दिल में अरमान था  बहारों का और तोहफा मिला है खारों का । तेरे बगैर बता मै अब क्या करूँ इन बेजान दिलकश नजारों का । रौशनी जब   मुझे खलने लगी है क्या करें सूरज चाँद सितारों का । हसरतें   हाथ नहीं  मलती आज इल्म जो होता हुस्न के इशारों […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।