*माँ की लोरी सुन सभी ,पल भर में सो जाय।* *देख सुनहरे स्वप्न को,मंद मंद मुस्काय।।* *माँ की ममता से मिली,हमको ये सौगात।* *दिन तो सोना हो गये,चाँदी हो गइ रात।।* *बिन माँ के बच्चे सभी,पाते दुख की खान।* *ममता के आँचल तले,मिलता सकल जहान।।* *माँ ने दुख को झेल […]

कर लो, कर लो बिनती कर लो थोडे वक्त में शकून भर लो बसंत में आस्था की सजी दरबार नवरात्र संग नववर्ष की उपहार कर लो, कर लो बिनती कर लो थोडे वक्त में शकून भर लो। धूप गुगूकल पूजा की थाल सजेगी मंत्र पाठ अब हवाओ में गूँजेंगी फल […]

कल-कल करती बहती नदी जंगल और पहाड़ों से निकलती नदी इठलाती, बलखाती नागिन रूप बनाती नित-नित सबकी प्यास बुझाती बरसातों में रूद्ररूप बनालेती तब बड़ी डरावनी हो जाती घर्र – घर्र करके सबकुछ बहा ले जाती और जन-धन की बड़ी हानि हो जाती गर्मी में मर जाती, मिट जाती बस! […]

चरित्र बहुत अनमोल है रखिए इसे सम्भालकर मन,वचन कर्म बेदाग हो रखिए कदम सम्भालकर जिंदगी बीत जाती है चलन अपनी सुधारने में एक जरा सी फिसलन रख देती खेल बिगाड़कर कदम कदम पर कांटे बोती बैरन माया राह में हमारी बचकर उससे रहना होगा संयम की बाह पकड़कर सेवा,साधना,सद्कर्मो से […]

हमारा नृत्य हैं बेटी ,दिलो में गीत सी मचली! बड़े नैना विराने हैं, लगाई प्रीत सी कजली ! हमेशा मान में रखना, यही फूलों भरी क्यारी! मधुरता का बहे झौंका, लगे सबसे बड़ी प्यारी!! मिटा दो भेद की धारा, इसी मे द्वेष हैं सारा ! अनोखी रीत पाली हैं, बनी […]

हाय हाय ये मजदूरी जनता से नेता की दूरी है पल पल आस लगाये दो वक्त की रोजी-रोटी के लिए कैसे कैसे हसी स्वप्न दिखाए हाय हाय ये मजदूरी जनता से नेता की दूरी। कितने इलेक्शन बीत गए फिर भी न सुधर पाए जिस इलेक्शन में खर्च न हो वो […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।