अहित करे जो किसी का हितकारी नही होता है नकारात्मक रहता है जो सुख उसे नही मिलता है पूतना,मंथरा ,होलिका यशविहीन रही सदा जिनका अहित सोचा उन्होने श्रेष्ठ बनकर रहे सदा बिगाड़ने वाले से हमेशा बनाने वाला रहा बडा दुख देने वाले को कभी यश नही मिलता यहां जो दुख […]
काव्यभाषा
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