अहित करे जो किसी का हितकारी नही होता है नकारात्मक रहता है जो सुख उसे नही मिलता है पूतना,मंथरा ,होलिका यशविहीन रही सदा जिनका अहित सोचा उन्होने श्रेष्ठ बनकर रहे सदा बिगाड़ने वाले से हमेशा बनाने वाला रहा बडा दुख देने वाले को कभी यश नही मिलता यहां जो दुख […]

सफ़ेद चादर पे सोने के सिक्के सफेद पहाड़ों की सर्द वादियों में तीखे नुकीले अकड़े से खड़े हरे पेड़ कोहरे की सफेद चादर और दूर टीले पे मेरा छोटा सा घर घर से करीब मील दूर सफ़ेद सी चादर पर चमकते हुए सोने के सिक्के बिखरे हुए सुनहरी सिक्कों की […]

माँगा सुख था मिला दुख मुझे, जग में ऐसी बदहाली है | जिन्दगी भर कमाया मगर, हाथ दोनों ही खाली है || तुझको दुख है, दुखी मै भी हूँ; दोनों आँखों में आँसू भरें | दामन फैलाये दर पर खड़े; सारे धन के सवाली हैं ||.. मेरा मन आशाओं की […]

जब कभी मेरी  मांँ का  आंँचल मेरे सर पर आए , दुनिया की मजाल क्या ईश्वर भी न कुछ कर पाए, मांँ  के  चरणों  में  स्वर्ग  संग  चार  धाम  बसे  हैं- छू  माँ  के चरणों को मिट्टी पावन चंदन बन जाए। नाम-प्रज्ञा पाण्डेय साहित्यिक उपनाम-प्रज्ञा पाण्डेय वर्तमान पता-उन्नाव, उत्तर प्रदेश […]

जब होंगे हम तुम्हारे पास, तो कयामत निश्चित ही आएगी। धड़कने दो दिलो की थम जाएगी। जब होगा वहां चांदनी रात में , दो दिलो का प्यार भरा मिलन// दिल की यही खासियत होती है। जब वो मचलता या पिघलता है। तब दिनरात कुछ नहीं देखता है । बस उसी […]

है स्नेह अगाध से भरा हृदय गजब है सहने की क्षमता एक ओर दुनिया सारी एक ओर है मां की ममता है मां दुनिया में परमेश्वर की कृति सबसे प्यारी सब रिश्तों में सब नातों में मां ही सबसे न्यारी मां की महिमा क्या बतलाउं बस इतना कहता हूं  दुनिया […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।