अपराधी थानेदार बने हुये है बेईमान पत्रकार बने हुये है। गुंडे बदमाश भी इन दिनों मे देश की सरकार बने हुये है। नशे मे धुत रहते है शिक्षक स्कुल बीयरबार बने हुये है। महिनो गायब रहते डाक्टर अस्पताल बेकार बने हुये है। कविता का कारोबार हो रहा कवियों के दरबार […]
काव्यभाषा
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