रफ्तार तेज नहीं थी बाइक की। धीमी रफ्तार से ही आॅफिस से घर लौट रहा था मैं। तभी अचानक वह बाइक के सामने से गुजरी। एक पल लगा – आ ही गयी पहिए के नीचे। पूरी ताकत से मैंने बाइक को ब्रेक लगाया। वह तो बच गई पर मैं गिर […]

नयी कंपनी खुली थी। सारे कर्मचारी अलग-अलग प्रदेशों के थे। आज सभी के बैंक खाते में पहला वेतन जमा होने वाला था। दोपहर में कुछ कर्मचारी साथ में बैठे चाय पी रहे थे। तभी उनमें से एक ने, जिसका नाम प्रखर था, चाय की चुस्की लेते हुए कहा – ‘यार, […]

“दादा जी! हम बूढ़े क्यूँ हो जाते हैं?” अकेले बैठे दादा जी, पोते को कुछ देर निहारते हैं। चारों तरफ़ देखते हैं। आँखों में, बचपन से लेकर बुढ़ापे तक का सफ़र तैर जाता है। भीगी आँखें और कपकपाती ज़ुबान से इतना ही बोल पाए, ” ताकि.. हमारे मरने पर..किसी को […]

नीलम तोलानी के पास वामा में प्रचार प्रसार का दायित्व इन्दौर। शहर साहित्यिक कार्यों की समृद्धता के लिए पूरे देशभर में अपना दख़ल रखता है। कई संस्थाएँ शहर इन्दौर का नाम अपने साहित्य सेवा के कार्यों से देशव्यापी प्रसिद्ध कर रही है उसमें से एक महिला लेखिकाओं की संस्था वामा […]

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्यामला हिल्स वाटर विजन पार्क में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉक्टर विकास दवे तथा मध्य प्रदेश उर्दू अकादमी की डॉक्टर नुसरत मेहंदी के साथ आम, शहतूत और सप्तपर्णी के पौधे लगाए। इस अवसर पर साहित्यकार डॉ मीनू पांडे, लोकेंद्र सिंह चौहान, पुरु […]

नींद की छाँव में आकाश को बदलते देखा वह चाँद मेरे बागों में टहलते देखा। भौरें को कमल में बदले देखा नीले जल का आकाश देखा । बंद आँखों से जो देखा सपना वह हक़ीक़त नहीं, मंज़िल की तरफ जाने का एक यत्न देखा। पंछी के गीतों का गुंजन स्वर […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।