जन-जन में जागृत हो,वृक्ष के प्रति सम्मान। धूप ताप से आराम दे,जलवायु हो समान।। सादा विचार रख के, सबका करो उपकार। पेड़ में भी प्राण है, देता लाभ हजार।। सबको है आभास यह,फिर भी मन में न विचार। साफ सफाई में मग्न हो, पेड गिराये हजार।। ———— निष्कर्ष ———- राष्ट्रवाद […]

सारी दुनिया जिस में समाई उस निकिता को प्रणाम हैं कण-कण इस माटी का अनुपम और ललाम है इश्क मोहब्बत में तेरे खातिर कितना ही लहूलुहान हुआ है हे-निकिता !तुम्हारे खातिर महा भीषण -महासंग्राम हुआ भारत की पावनतम माटी शत-शत तुझे प्रणाम है गंगा -सिंधु चरण पखारे जग मे ऊंचा […]

गांधीनगर गुजरात कमिश्नरऑफ़ स्कूल ऑफिस पुराने सचिवालय डॉ जीवराज मेहता भवन से से मेरा तबादला 2007 में महात्मा गाँधी की जन्म भूमि पोरबंदर जिल्ला डायट ऑफिस में हुआ तब पहली बार परिवार को छोड़कार दूर जगह पर नौकारी करने के लिए जाने का प्रथम अवसर था, हमे मन में डर […]

भूमिका- एक समय था जब समाचार पत्र का प्रकाशन प्रारंभ हुआ। उस समय भारत परतंत्र था। समाज अशिक्षित था। चंद लोग ही शिक्षित थे। यह वह युग था जब अधिकांश लोग अपनी बात कहना तो चाहते थे किन्तु भाषा और लिखने की समस्या मुंहबांए खड़ी थी। शिक्षित वर्ग ने उनकी […]

    राजकीय विद्यालयों के शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं लागू की है। फिर भी सरकारी स्कूलों का स्तर नहीं सुधर रहा है। शिक्षकों को भारी वेतन मिलता है। लेकिन पढ़ाई का स्तर ठीक नहीं है।   प्राथमिक […]

हिंदी के देदीप्यमान नक्षत्र दिनकर, गुप्त, निराला,पंत।है जन -जन की भाषा गाएं इसकी मंगलगाथा। राष्ट्र की शान, एकता की पहचान, जन -जन की भाषा है हिन्दी। हिंदी देश को एकता के सूत्र में बांधने वाली भाषाओं में है। हिंदी जिसे निराला ने पहचाना, सुभद्रा ने सहेजा ,गुप्त ने अपनाया, और […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।