9 अप्रैल : पुण्यतिथि प्रसंगे मालवा की धरती ने सदा से ही अपने धीर-वीर और गंभीर होने के साथ-साथ रत्नगर्भा होने का प्रमाण दिया है, क्षेत्र चाहे संगीत, कला, साहित्य, चित्रकारी, खेल, राजनीति, प्रशासकीय हो चाहे पत्रकारिता। ऐसे ही एक लाल को मालवा की धरती ने जन्म देकर स्वयं को […]
(महावीर जयंती पर विशेष) सत्यअहिंसा ब्रह्मचर्य,अस्तेय अपरिग्राह। पाँच व्रतों को मानिये,जैन धरम के राह।। जयजयजयजयतरुणासागर। सच्चाई को किया उजागर। ।1 ऋषभदेव आदि तीर्थंकर। जैन दिगंबर अरु श्वेताम्बर।।2 पार्श्वनाथ से तुम अवतारी। महावीर से सत्य विचारी।।4 तेरा पंथी तारण पंथी। झुल्लकऐलकअरु निर्ग्रन्थी।।3 छब्बीस जून सरसठ आना। मध्यप्रदेश गुहूची ग्रामा। ।5 प्रताप […]
