धनगर ग्वाल समाज का, बहुत बड़ा इतिहास। दूध दही नदियां बहे, कृष्ण रहे विश्वास।। जयजय प्यारे ग्वाला भाई । सवा रुपे में करें सगाई।।1 लड़ते कुश्ती नाल उठाते । सेना में भी धाक जमाते।।2 पूजें जाख भुजरिया गावे। देव छठ भी खूब मनावे।।3 खीर पुरी औ कड़ी बनाई। देवन भोग […]
